पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में विरोध प्रदर्शन तेज, सेना की कार्रवाई बढ़ी
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में विरोध प्रदर्शन
पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर में पिछले 33 दिनों से सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। बुधवार को संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा मुजफ्फराबाद की ओर मार्च की शुरुआत की गई। वहीं, मंगलवार से पाकिस्तान सेना ने अपनी कार्रवाई को और तेज कर दिया है।
जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ी
अब तक इस आंदोलन में 12 लोगों की जान जा चुकी है। पीओजेके के सभी कस्बों और शहरों को सील कर दिया गया है, और बड़ी संख्या में सेना के जवान तैनात किए गए हैं। रावलाकोट, जो विरोध प्रदर्शन का मुख्य केंद्र है, में मीडिया पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पिछले एक महीने से पीओजेके में इंटरनेट सेवा भी ठप है।
सुरक्षा बलों की तैनाती
संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के अनुसार, मार्च में लगभग 40,000 प्रदर्शनकारी शामिल हो रहे हैं। बीबीसी उर्दू के अनुसार, पाकिस्तान सरकार ने 4,000 रेंजर्स, पुलिस और फ्रंटियर कोर के जवानों को तैनात किया है ताकि मार्च को रोका जा सके। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सेना ने खाद्य और दवाओं की आपूर्ति रोककर मानव संकट उत्पन्न कर दिया है।
प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी
बुधवार दोपहर को मार्च शुरू होने से पहले, पाकिस्तान की सरकार और सेना ने प्रमुख रास्तों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी। रावलाकोट और सुधनोटी में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने गोलीबारी की, जिसमें आठ लोगों के मारे जाने की सूचना है। रावलाकोट से आए वीडियो में हजारों प्रदर्शनकारियों को मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करते हुए देखा जा सकता है।
पाकिस्तान की सेना की स्थिति
पाकिस्तान की सेना और सरकार चारों ओर से घिरी हुई हैं। पीओजेके में जनता लंबे समय से सरकार के खिलाफ धरना दे रही है। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में टीटीपी ने सेना को परेशान कर रखा है, जबकि बलूचिस्तान में स्थिति सबसे खराब है। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने कई शहरों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। पंजाब में मौलाना फजल-उर-रहमान ने सेना के खिलाफ विद्रोह की आग भड़काई है।