पाकिस्तान में खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बड़ा हमला, 11 पुलिसकर्मी मारे गए
पाकिस्तान में हमले की घटना
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक गंभीर हमला हुआ है। हांगू जिले में, जो अफगानिस्तान की सीमा के निकट स्थित है, हमलावरों ने बुधवार रात को क्वाडकॉप्टरों का उपयोग करते हुए एक पुलिस चौकी को निशाना बनाया। धमाके के बाद, हमलावरों ने चौकी पर अंधाधुंध गोलीबारी की। इस घटना में 11 पुलिसकर्मी मारे गए और 28 अन्य घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पाकिस्तान पुलिस का दावा है कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई में 15 हमलावरों को मार गिराया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मारे गए पुलिसकर्मियों में डिप्टी सुपरिटेंडेंट दियार खान का नाम भी शामिल है।
सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया
जिला पुलिस अधिकारी मुजाहिद हुसैन के अनुसार, हमले के बाद इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबल भेजे गए। हमलावरों ने रास्ते में एक काफिले पर घात लगाकर हमला किया, जिसमें एक बख्तरबंद वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और तीन पुलिस वाहनों में आग लगा दी गई। एक वाहन को वे अपने साथ ले गए। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी समूह ने नहीं ली है, लेकिन पाकिस्तान के सुरक्षा हलकों में पाकिस्तान तालिबान (टीटीपी) पर शक जताया जा रहा है।
पाकिस्तान में हाल के हमले
हाल के दिनों में पाकिस्तान में कई बड़े हमले हुए हैं। 24 जुलाई को टीटीपी ने खैबर पख्तूनख्वा के टैंक जिले में एक चौकी पर हमला किया, जिसमें 12 सैनिक, दो पुलिसकर्मी और एक वन अधिकारी की जान गई। 10 मई को बन्नू में एक कार बम विस्फोट हुआ, जिसमें 21 जवानों की मौत हुई। 23 अप्रैल को बलूचिस्तान के चागई जिले में अलगाववादियों ने एक खनन क्षेत्र पर हमला किया, जिसमें 9 मजदूरों की जान गई।
बलूचिस्तान में मजदूरों की हत्या
खैबर पख्तूनख्वा के अलावा बलूचिस्तान में भी स्थिति चिंताजनक है। दो दिन पहले, यहां छह मजदूरों का अपहरण किया गया था। गुरुवार को इन मजदूरों के शव गोलियों से छलनी पाए गए। बलूचिस्तान के गृह मंत्री बाबर यूसुफजई ने बताया कि तुर्बत शहर के पास नसीराबाद में सभी मजदूरों के शव मिले। इनमें चार मजदूर पंजाब से और दो खैबर पख्तूनख्वा से थे।
अगवा मजदूरों की स्थिति
पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, मंगलवार को सात मजदूरों को कलातक क्षेत्र में तुर्बत-मंड सड़क से अगवा किया गया था। सभी मजदूर एक वाहन में यात्रा कर रहे थे। गृह मंत्री बाबर यूसुफजई ने बताया कि इनमें से एक मजदूर को मौके पर ही गोली मार दी गई थी। सभी मजदूर केच जिले में काम कर रहे थे। हालांकि, अभी तक किसी समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।