पाकिस्तान में युवा आंदोलन की लहर: सरकार की चिंता बढ़ी
पाकिस्तान में युवा आंदोलन की चर्चा
भारत में कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन ने पाकिस्तान में चर्चा का विषय बना लिया है। वहां की युवा पीढ़ी, जो जेन-जी कहलाती है, भारत की तरह आंदोलन की इच्छा रखती है, लेकिन उन्हें सेना की कार्रवाई का डर सताता है। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सेना की बर्बरता ने युवाओं में गुस्सा भर दिया है। उनका कहना है कि भारत में आंदोलन के दौरान किसी की जान नहीं गई, जबकि पीओके में 70 से अधिक कश्मीरियों की जान गई है।
सरकार की चिंता
पाकिस्तान की सरकार जेन-जी के बढ़ते गुस्से से चिंतित है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा है कि नई पीढ़ी पाकिस्तान में सब कुछ बदल सकती है। उन्होंने स्वीकार किया कि सरकारें युवाओं की मांगों को पूरा करने में असफल रही हैं। युवा बेहतर शासन और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं।
युवाओं की मांगें
एक सभा में नकवी ने कहा, 'युवाओं की एक ही मांग है कि शासन को सुधारें। हमें न्याय और मेरिट चाहिए। सरकारी नौकरी और अन्य अवसर उचित तरीके से मिलें। हम युवाओं को वह नहीं दे पा रहे हैं, जो वे चाहते हैं। अगर ये युवा एकजुट हो गए, तो वे सब कुछ बदल सकते हैं। उनके इच्छाओं को पूरा करना आवश्यक है।'
पाकिस्तान की व्यवस्था पर सवाल
नकवी ने पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था ढह चुकी है। उन्होंने कहा, 'हम जिस सिस्टम में जी रहे हैं, वह विफल हो चुका है। 70 वर्षों से इसे खींचा जा रहा है।'
उन्होंने लोकतंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया, लेकिन कहा कि इसमें कई प्रकार के शासन हैं। नकवी ने कहा कि हमें अपने बजट की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन हम केवल कर्ज लेने की चर्चा करते हैं। हमारा कर्ज हर साल बढ़ता जा रहा है।