यमन के हूती विद्रोहियों का सऊदी तेल टैंकरों पर हमला, क्षेत्र में तनाव बढ़ा
हूती विद्रोहियों का हमला
यमन के हूती विद्रोहियों ने हाल ही में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमला किया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के साथ-साथ लाल सागर में भी एक नया मोर्चा खुल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि ईरान को इसके लिए गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। हूती विद्रोहियों का दावा है कि सऊदी टैंकरों ने उनकी नौसैनिक नाकाबंदी का उल्लंघन किया, जिसके चलते उन पर हमला किया गया।
हमले का विवरण
हूती विद्रोहियों ने एन्सेलिया और लैलिया नामक दो सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बनाया। इन जहाजों ने हूती विद्रोहियों की नाकाबंदी का उल्लंघन किया। सऊदी अरब की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि एन्सेलिया जहाज पर हमला हुआ, जिसके परिणामस्वरूप जहाज के अगले हिस्से में आग लग गई, लेकिन चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
राजनीतिक तनाव
13 जुलाई को, हूती प्रतिनिधिमंडल तेहरान से लौट रहा था, उसी समय सऊदी समर्थित बलों ने यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हमला किया। इसके बाद हूती प्रतिनिधिमंडल को दूसरे एयरपोर्ट पर उतरना पड़ा। इसके तुरंत बाद, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर बैलेस्टिक मिसाइल से हमला किया और नाकेबंदी की घोषणा की।
ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अगर हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जहाजों पर फिर से हमला किया, तो ईरान को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा कि एक साल पहले अमेरिका ने हूती विद्रोहियों पर कड़ी कार्रवाई की थी। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर हूती फिर से ऐसा करते हैं, तो अमेरिका ईरान और हूतियों को कड़ी सजा देगा।
क्षेत्रीय प्रभाव
यदि सऊदी जहाजों पर हूती विद्रोहियों के हमले जारी रहते हैं, तो लाल सागर भी युद्ध का मैदान बन सकता है। इससे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर पड़ेगा, क्योंकि उनका अधिकांश तेल इसी मार्ग से आता है। इसके अलावा, सऊदी अरब पर बढ़ते हमलों के कारण अमेरिका पर सैन्य कार्रवाई का दबाव भी बढ़ सकता है।