सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ता संघर्ष
संघर्ष की तीव्रता में वृद्धि
सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव और बढ़ता जा रहा है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन पर होदेइदाह बंदरगाह पर हमले का आरोप लगाया है। हाल ही में लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले के बाद, हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके जवाब में, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जिजान और यानबू में अरामको के तेल संयंत्रों पर हमले का दावा किया।
हूती विद्रोहियों की सैन्य रणनीति
हूतियों के प्रवक्ता याह्या सरी ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ दो महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों की शुरुआत की है और नाकाबंदी के जवाब में नाकाबंदी जारी रखने का संकल्प लिया है। यमन टीवी की रिपोर्ट के अनुसार, एयर स्ट्राइक में हूती विद्रोहियों की अतिरिक्त टुकड़ियों और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया। ये हमले यमन के मध्य मारिब और उत्तरी अल-जॉफ प्रांतों में हूती से जुड़े लड़ाकों पर किए गए।
सऊदी अरब के हमलों का विवरण
हूती विद्रोहियों का कहना है कि सऊदी अरब ने होदेइदाह बंदरगाह और कामरान द्वीप पर हमले किए हैं। हालांकि, एयर डिफेंस ने दुश्मन के विमानों को रोकने में सफलता पाई है। समूह ने यह भी कहा कि हमलों के जवाब में जिजान और यानबू में अरामको की तेल सुविधाओं को बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने चेतावनी दी है कि यदि संघर्ष बढ़ता है, तो वे अपने सैन्य अभियानों का विस्तार करने के लिए तैयार हैं।
यमन की सरकार की तैयारी
हूती विद्रोहियों के बढ़ते प्रभाव के बीच, यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने सुरक्षा बलों से युद्ध की तैयारी को बढ़ाने की अपील की है। सबा समाचार एजेंसी के अनुसार, मारिब में सुल्तान अल-अरदा ने रक्षा मंत्री ताहिर अल-उकैली और सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट-जनरल सगीर बिन अजीज के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। सुल्तान अल-अरदा ने कहा कि सरकारी बलों का उद्देश्य राज्य संस्थाओं को बहाल करना और हूती विद्रोह को समाप्त करना है। उन्होंने हूती के कब्जे वाले क्षेत्रों में निवासियों से अपील की कि वे अपने बच्चों को हूती समूह में भर्ती करने का विरोध करें।