PM शहबाज़ शरीफ़ का बड़ा बयान: PoK में बातचीत से सुलझेंगे मुद्दे, उपद्रवियों को दी चेतावनी
शहबाज़ शरीफ़ का संवाद का समर्थन
नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच, प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान बातचीत के माध्यम से किया जाएगा, लेकिन अशांति फैलाने वालों को सख्त चेतावनी भी दी।
बातचीत से समाधान की आवश्यकता
"मुद्दे बातचीत से सुलझें"
शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में जो भी समस्याएं हैं, उन्हें बातचीत के माध्यम से हल किया जाना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के साथ संवाद के लिए तैयार है। शरीफ ने कहा, "यदि कोई समस्या है, तो उसे बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार के गठन के बाद भी प्रदर्शनकारियों के साथ संवाद का सिलसिला जारी रहेगा। पीएम ने कहा, "मेरा मानना है कि जब नई सरकार सत्ता में आएगी, तो प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत का क्रम जारी रहेगा।" यह बयान उस समय आया है जब PoK में JAAC के नेतृत्व में महंगाई, बिजली और आटे की कीमतों को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।
उपद्रवियों के खिलाफ सख्त रुख
उपद्रवियों को दी सख्त चेतावनी
बातचीत के समर्थन में, शहबाज़ शरीफ़ ने उन लोगों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया जो क्षेत्र में शांति को भंग करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, "जो लोग वहां अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें ऐसा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।"
पीएम ने दो टूक कहा कि सरकार का रवैया इस बात पर निर्भर करेगा कि लोग अपनी बात किस तरह रखते हैं। जो लोग शांति से संवाद करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार का दरवाज़ा खुला है, लेकिन जो हिंसा और उपद्रव करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन का समर्थन
"शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए दरवाज़े खुले"
शरीफ़ ने कहा कि सरकार उन लोगों को अवसर देगी जो शांतिपूर्ण तरीके से अपनी चिंताओं को व्यक्त करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "जो लोग शांति, धैर्य और सहनशीलता के साथ मुद्दों पर चर्चा करना चाहते हैं, नई सरकार उन्हें यह अवसर प्रदान करेगी।"
पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पिछले कुछ हफ्तों से स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। JAAC ने बिजली के बिल और आटे की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ बंद और धरने का ऐलान किया था। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच झड़प की घटनाएं भी सामने आई हैं। इसी संदर्भ में शहबाज़ शरीफ़ का यह बयान आया है।
पीएम ने यह भी कहा कि सरकार लोगों की जायज मांगों को सुनने के लिए तैयार है, लेकिन क्षेत्र में अस्थिरता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनका जोर था कि समस्या का समाधान केवल संवाद से ही संभव है, न कि तोड़फोड़ और हिंसा से। अब सभी की नजर इस बात पर है कि JAAC सरकार की इस अपील का क्या जवाब देती है और क्या दोनों पक्ष बातचीत की मेज़ पर बैठते हैं।