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POK में मानवीय संकट: पाकिस्तान की नाकेबंदी से बढ़ी खाद्य और दवा की कमी

पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े वाले कश्मीर (POK) में चल रहे जनांदोलन ने गंभीर मानवीय संकट का रूप ले लिया है। स्थानीय सरकार और इस्लामाबाद के खिलाफ प्रदर्शनकारियों की आवाज़ें तेज़ हो गई हैं, जबकि पाकिस्तानी प्रशासन ने क्षेत्र की सप्लाई को रोकने के आरोपों का सामना किया है। खाद्य सामग्री, दवाओं और ईंधन की भारी कमी ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। जानें इस संकट की जड़ें और इसके प्रभावों के बारे में।
 

POK में संकट की गहराई

पाकिस्तान के अवैध कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय सरकार और इस्लामाबाद के खिलाफ चल रहे जनांदोलन ने गंभीर मानवीय संकट का रूप ले लिया है। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तानी प्रशासन ने क्षेत्र की आर्थिक और भौतिक नाकेबंदी कर दी है, जिससे आम जनता और प्रदर्शनकारियों पर दबाव बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों और ट्रक ड्राइवरों का कहना है कि इस्लामाबाद जानबूझकर खाद्य सामग्री, ईंधन और जीवन रक्षक दवाओं की सप्लाई रोक रहा है। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारी इन आरोपों का खंडन कर रहे हैं, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मीडिया की रिपोर्टें इस स्थिति की गंभीरता को उजागर कर रही हैं।


विरोध प्रदर्शनों का कारण

यह अशांति विधानसभा की 12 सीटों के विवाद से शुरू हुई है, जो भारत के कब्ज़े वाले कश्मीर से आए शरणार्थियों के लिए आरक्षित हैं। स्थानीय समूहों का आरोप है कि इस्लामाबाद इन सीटों का उपयोग चुनावों को प्रभावित करने के लिए करता है। विरोध प्रदर्शनों के जवाब में, पाकिस्तान ने 'जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी' (JAAC) को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है। इसके परिणामस्वरूप हुई झड़पों में कम से कम 58 लोग मारे गए हैं।


खाद्य और दवा की कमी

POK में खाद्य सामग्री, दवाओं और ईंधन की भारी कमी हो गई है। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, विरोध प्रदर्शनों और व्यापारिक हड़तालों ने कई कस्बों में रोज़मर्रा की जिंदगी को प्रभावित किया है। मुज़फ़्फ़राबाद में स्थानीय निवासी मुहम्मद मस्कीन ने बताया कि उन्हें दवा नहीं मिल रही है क्योंकि अधिकांश फार्मेसी बंद हैं।


सप्लाई चेन में रुकावट के कारण कई दुकानों में स्टॉक की कमी हो गई है। स्थानीय निवासी साबर हुसैन ने कहा कि लोग एक हफ्ते से अधिक समय से मुश्किलों का सामना कर रहे हैं।


ईंधन की कमी

इस क्षेत्र में ईंधन की भी भारी कमी है। कराची के एक समाचार पत्र ने रिपोर्ट किया कि कई पेट्रोल पंप बंद हैं। वाहन चालक ब्लैक मार्केट से ईंधन खरीदने को मजबूर हैं।


बीबीसी उर्दू के अनुसार, कई क्षेत्रों में खाद्य सामग्री, ईंधन और दवाओं की कमी की खबरें आ रही हैं। स्थानीय निवासी अलिफ़ दीन ने बताया कि उन्हें राशन नहीं मिल रहा है।


पाकिस्तान की नाकेबंदी

जैसे-जैसे कमी बढ़ रही है, कई लोग आवश्यक सामान खरीदने के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं। हालांकि, कई लोगों का आरोप है कि उन्हें सामान वापस PoK लाने से रोका जा रहा है।


नवीद नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि पुलिस ने उसे रोककर खाने और दवाइयों को फेंकने के लिए मजबूर किया।


राजनीतिक आरोप

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ (PTI) की PoK शाखा ने अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि वे आवश्यक सामान की सप्लाई रोक रहे हैं। पार्टी ने इसे 'फिरौन जैसे ज़ुल्म' की मिसाल बताया है।


पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज किया है, लेकिन रिपोर्टों में कहा गया है कि इस्लामाबाद ने JAAC के विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए कई उपाय अपनाए हैं।


विरोध प्रदर्शनों का बढ़ता प्रभाव

JAAC के नेतृत्व वाला आंदोलन तेजी से फैल रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, PoK के कई कस्बों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, और रावलकोट में बड़े पैमाने पर धरने में भारी भीड़ जुट रही है।