Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव: अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हवाई हमला
मिडिल ईस्ट में युद्ध की छाया
नई दिल्ली: रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में एक वाणिज्यिक कंटेनर जहाज पर हुए भयंकर हमले के बाद मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति एक बार फिर गंभीर हो गई है। अमेरिकी सेना ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पर अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में उकसाने वाली गतिविधियों का आरोप लगाते हुए ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले आरंभ कर दिए हैं।
कमर्शियल जहाज पर हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह सैन्य कार्रवाई शनिवार शाम लगभग 7:15 बजे शुरू की गई। अमेरिका का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज 'एम/वी जी-फ्लेक्स गैलेक्सी' (M/V G-Flex Galaxy) पर ईरानी सेना द्वारा किए गए हमले के प्रतिशोध में की गई है। इस हमले में जहाज के इंजन रूम को गंभीर नुकसान पहुंचा और उसमें आग लग गई, जिससे जहाज आगे बढ़ने में असमर्थ हो गया। इस घटना में चालक दल का एक नागरिक सदस्य भी लापता बताया जा रहा है।
ट्रंप के निर्देश पर कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर की गई है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक सख्त संदेश में लिखा, 'ईरान ने गलत निर्णय लिया और अब उसे इसकी गंभीर कीमत चुकानी होगी।' सेंटकॉम का कहना है कि इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनका उपयोग वह अंतरराष्ट्रीय जहाजों को निशाना बनाने के लिए करता है। यह इस सप्ताह ईरान के खिलाफ वाशिंगटन की तीसरी बड़ी सैन्य कार्रवाई है।
ईरान में धमाकों की गूंज
अमेरिकी बमबारी के बाद ईरान के विभिन्न हिस्सों में भारी तबाही और विस्फोटों की खबरें आई हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, केश्म द्वीप, बंदर अब्बास और सीरिक जैसे तटीय क्षेत्रों में तेज धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। अमेरिकी हमलों से पहले, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की थी, जिसके बाद स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई। ईरान का कहना है कि अमेरिकी दखल बंद होने तक वह इस मार्ग से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं देगा।
जहाजों से शुल्क वसूलने की मांग
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से लगभग 20 प्रतिशत विश्व का तेल और गैस गुजरता है। ईरान इस अंतरराष्ट्रीय मार्ग पर अपना एकाधिकार जताते हुए जहाजों से शुल्क वसूलने की मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे एक खुला वैश्विक जलमार्ग मानता है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है और ओमान के साथ सुरक्षित आवाजाही को लेकर बातचीत की है। इस बीच, दोनों देशों के बीच शुरू हुई इस ताजा गोलाबारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।