UAE की सैन्य कार्रवाई की तैयारी, होर्मुज़ जलडमरूमध्य को खुलवाने की योजना
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने एक नया मोड़ लिया है, जहां UAE होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बलात खोलने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा है। यह कदम UAE को खाड़ी का पहला ऐसा देश बना देगा जो ईरानी हमलों के बावजूद युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध समाप्त करने की योजना के बीच, UAE ने सुरक्षा परिषद में सैन्य कार्रवाई की मंजूरी के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। जानें इस संकट के पीछे की रणनीतियाँ और UAE की नई सोच।
Apr 1, 2026, 11:55 IST
पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है। हाल ही में 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के अनुसार, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बलात खोलने के लिए अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ मिलकर सैन्य कार्रवाई की योजना बना रहा है। इस कदम से UAE पहला खाड़ी देश बन जाएगा जो ईरानी हमलों से सबसे अधिक प्रभावित होने के बावजूद इस युद्ध में सक्रिय रूप से भाग लेगा।
अमेरिका की रणनीति और UAE की भूमिका
यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ युद्ध को जल्दी समाप्त करने की योजना बना रहे हैं, और होर्मुज़ को फिर से खोलने का कार्य बाद के लिए छोड़ रहे हैं। जैसे-जैसे वॉशिंगटन जल्दी बाहर निकलने की कोशिश कर रहा है, कुछ खाड़ी सहयोगी, जिनमें UAE सबसे आगे है, अमेरिका से लड़ाई जारी रखने का आग्रह कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में UAE की पहल
WSJ की रिपोर्ट के अनुसार, UAE एक संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव के लिए लॉबिंग कर रहा है, ताकि सैन्य कार्रवाई को मंजूरी मिल सके। अरब अधिकारियों ने बताया कि अमीराती राजनयिकों ने अमेरिका और यूरोप तथा एशिया की सैन्य ताकतों से आग्रह किया है कि वे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक गठबंधन बनाएं।
ईरान की आक्रामकता पर UAE की प्रतिक्रिया
UAE के एक अधिकारी ने कहा कि ईरानी शासन का मानना है कि वह "अपने अस्तित्व के लिए लड़ रहा है" और इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को रोककर "वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी अपने साथ नीचे गिराने" के लिए तैयार है। इसके साथ ही, उनकी तेल और गैस सुविधाओं पर लगातार हो रही बमबारी ने खाड़ी देशों को इस निष्कर्ष पर पहुँचाया है कि तेहरान की आक्रामकता को अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
UAE का सैन्य भूमिका पर विचार
अधिकारी ने आगे कहा कि देश सक्रिय रूप से इस बात पर विचार कर रहा है कि वह इस जलमार्ग को सुरक्षित करने में सैन्य भूमिका कैसे निभा सकता है, जिसमें समुद्री सुरंगों (mines) को हटाना और अन्य सहायता सेवाएँ प्रदान करना शामिल है।
UAE की रणनीतिक सोच में बदलाव
एक अधिकारी ने जर्नल को बताया कि सैन्य कार्रवाई के लिए UAE का जोर देना उसकी रणनीतिक सोच में एक "बुनियादी बदलाव" है। उसने लंबे समय तक ईरान के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखे थे, और युद्ध से पहले वॉशिंगटन तथा तेहरान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश भी की थी।
अमेरिका के साथ तालमेल
अब, ऐसा प्रतीत होता है कि UAE, ट्रंप की उस सोच के साथ तालमेल बिठा रहा है जिसमें सहयोगियों से सैन्य बोझ का अधिक हिस्सा उठाने की उम्मीद की जाती है—विशेष रूप से होर्मुज़ जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के मामले में।
UAE का सुझाव
अरब अधिकारियों ने यह भी बताया कि UAE ने सुझाव दिया है कि अमेरिका को जलडमरूमध्य में मौजूद कुछ प्रमुख द्वीपों पर कब्ज़ा कर लेना चाहिए, जिनमें अबू मूसा भी शामिल है। इस विवादित द्वीप पर UAE अपना दावा करता है, लेकिन दशकों से इस पर ईरान का नियंत्रण रहा है।