UAE ने ईरान पर लगाया समुद्री डकैती का आरोप, होर्मुज़ जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
UAE का ईरान पर गंभीर आरोप
नई दिल्ली: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ADNOC के एक जहाज़ पर मिसाइल से हमला किया। UAE ने इसे 'समुद्री डकैती' की तरह की कार्रवाई करार दिया और तेहरान की कड़ी निंदा की।
ADNOC जहाज़ पर मिसाइल हमला
UAE की सरकारी समाचार एजेंसी WAM ने शनिवार को बताया कि ADNOC से जुड़े एक जहाज़ पर हमला हुआ। इसके बाद, UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे 'ईरान का शत्रुतापूर्ण हमला' कहा।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस हमले में कोई हताहत नहीं हुआ और जहाज़ के नाम या उसके कार्गो की जानकारी नहीं दी गई। हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि यह हमला संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के नेविगेशन की स्वतंत्रता के प्रस्ताव का उल्लंघन है।
ईरान पर जलमार्ग के दुरुपयोग का आरोप
UAE ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पर आरोप लगाया है कि वे वाणिज्यिक शिपिंग को निशाना बना रहे हैं और होर्मुज़ जैसे महत्वपूर्ण जलमार्ग का उपयोग आर्थिक दबाव बनाने के लिए कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय ने ईरान से आग्रह किया कि वह ऐसे हमलों को तुरंत रोकें और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को 'बिना किसी शर्त के पूरी तरह से फिर से खोले'। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स पहले भी चेतावनी दे चुके हैं कि यदि जहाज़ तेहरान के दुश्मनों से जुड़े होंगे या ईरानी निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी।
ADNOC: पिछले हफ्तों में 15 जहाज़ों पर हमले
अबू धाबी की तेल कंपनी ADNOC ने शुक्रवार को बताया कि संघर्ष शुरू होने के बाद से उसके 15 जहाज़ों को होर्मुज़ जलडमरूमध्य में मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया गया है। इनमें से 3 हमले तो इसी हफ्ते हुए। कंपनी के अनुसार, इन हमलों में 1 क्रू मेंबर की मौत हो गई और 20 लोग घायल हुए।
ADNOC ने कहा कि बिना उकसावे के हुए हमलों ने उसके संचालन पर असर डाला है, लेकिन वह 'बेहद कठिन परिस्थितियों' में भी ग्राहकों को सप्लाई जारी रख रही है। ADNOC दुनिया की सबसे बड़ी ऊर्जा कंपनियों में से एक है और कच्चा तेल, गैस और रिफाइंड उत्पादों का बड़ा निर्यातक है।
होर्मुज़ में शिपिंग आधी से भी कम, तेल बाजार में हलचल
होर्मुज़ जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा गलियारा है। 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद से यहां शिपिंग में भारी गिरावट आई है। युद्ध से पहले रोजाना 130 से 140 जहाज़ इस जलडमरूमध्य से गुजरते थे।
इस हफ्ते केवल 33 जहाज़ गुजरे, जबकि पिछले हफ्ते यह संख्या 50 थी। शिपिंग में रुकावट के कारण माल ढुलाई की दरें बढ़ गई हैं और तेल बाजार में सुरक्षा को लेकर चिंता गहरी हो गई है। वर्तमान में बाजार की नजर ईरान और ओमान के बीच जलमार्ग को फिर से खोलने की बातचीत पर है।