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USS अब्राहम लिंकन पर अमेरिकी नौसैनिकों की आत्महत्या की कोशिशें: मानसिक स्वास्थ्य पर चिंता

USS अब्राहम लिंकन पर तैनात अमेरिकी नौसैनिकों ने आत्महत्या के प्रयास किए हैं, जिससे उनकी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति और जहाज पर उपलब्ध सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह जहाज लगभग 286 दिनों तक समुद्र में रहा, जबकि इसे पहले मई में लौटना था। तनावपूर्ण स्थिति के कारण तैनाती बढ़ाई गई, जिससे जवानों की मानसिक स्थिति बिगड़ गई। रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि जहाज में खाने-पीने की चीजों की कमी थी। इस स्थिति ने सरकार की ओर से सैनिकों की अनदेखी के आरोपों को जन्म दिया है।
 

अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत पर आत्महत्या के प्रयास

अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत USS अब्राहम लिंकन पर तैनात आठ अमेरिकी नौसैनिकों ने आत्महत्या करने का प्रयास किया। यह जानकारी अमेरिका के कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ ने सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड को लिखे पत्र में साझा की। यह जहाज ईरान के खिलाफ अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल था और लंबे समय तक समुद्र में रहा। पत्र में उल्लेख किया गया है कि लिंकन की तैनाती के दौरान पूरे स्ट्राइक ग्रुप में कुल आठ आत्महत्या के प्रयास हुए हैं।


286 दिन समुद्र में तैनात

रिपोर्टों के अनुसार, USS अब्राहम लिंकन लगभग 286 दिनों तक लगातार समुद्र में रहा, जबकि इसे मई में वापस लौटना था। ईरान के साथ तनाव कम न होने के कारण इसकी तैनाती बढ़ा दी गई। अंततः, यह जहाज 1 सितंबर को थाईलैंड के एक शहर में पहुंचा। इस स्थिति ने जवानों की मानसिक स्वास्थ्य और जहाज पर उपलब्ध सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


मानसिक स्वास्थ्य की चिंता

अगस्त में सैनिकों की मानसिक स्थिति बिगड़ने की रिपोर्ट सामने आई थी। कुछ सैनिकों ने समुद्र में कूदने का प्रयास किया, जिसके बाद डेमोक्रेटिक नेताओं ने जांच की मांग की। मार्च में एक सैनिक को उसके साथियों ने समुद्र में कूदने से रोका था, जबकि अगस्त में एक अन्य सैनिक ने ऐसा किया और उसे बचाकर इलाज के लिए जहाज से बाहर भेजा गया।


खाने-पीने की कमी

इससे पहले, जहाज में खाने, साबुन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी की भी खबरें आई थीं। काओ ने बताया कि खाने के विकल्प अस्थायी रूप से कम किए गए थे, लेकिन सैनिकों को रोजाना चार बार संतुलित भोजन दिया जा रहा था। अब जब सच्चाई सामने आई है, गिलिब्रैंड ने सरकार पर सैनिकों की अनदेखी का आरोप लगाया है।