अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में बड़ा बदलाव: करीम खान को हटाया गया
महत्वपूर्ण निर्णय का ऐलान
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिला है। सदस्य देशों ने गुप्त मतदान के माध्यम से करीम खान को उनके पद से हटा दिया है। यह निर्णय उनकी एक पूर्व महिला सहकर्मी द्वारा लगाए गए यौन दुर्व्यवहार और गंभीर कदाचार के आरोपों के बाद लिया गया। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब ICC कई संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय मामलों की जांच कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में हुई बैठक में सदस्य देशों ने मतदान किया और बहुमत से खान के खिलाफ कार्रवाई का निर्णय लिया।
मतदान का परिणाम
न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित बैठक में ICC के सदस्य देशों ने मतदान किया। कुल 125 सदस्य देशों में से 82 ने करीम खान को हटाने के पक्ष में वोट दिया, जबकि 13 देशों ने उनके समर्थन में मतदान किया और 15 देशों ने मतदान से दूरी बनाई। अन्य सदस्य देशों ने मतदान में भाग नहीं लिया।
मतदान के नतीजे इस प्रकार रहे:
पद से हटाने के पक्ष में: 82 देश
करीम खान के समर्थन में: 13 देश
मतदान से दूरी बनाई: 15 देश
बाकी सदस्य देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।
सहकर्मी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप
करीम खान के खिलाफ यह मामला मई 2025 में सामने आया था। उनकी एक पूर्व महिला सहयोगी ने उन पर यौन दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। सुरक्षा कारणों से शिकायतकर्ता की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है और उन्हें 'सारा' नाम से संबोधित किया गया है। मलेशियाई मूल की इस वकील ने कहा कि खान का व्यवहार समय के साथ गंभीर होता गया और मामला कथित शारीरिक हमले तक पहुंच गया। महिला ने यह भी कहा कि जब किसी व्यक्ति के पास बहुत अधिक शक्ति होती है, तो उसके अधीन काम करने वाले व्यक्ति के लिए सहमति का सवाल जटिल हो जाता है। उनके आरोपों के बाद मामले की जांच शुरू की गई। जांच के दौरान खान को पिछले महीने उनके पद से निलंबित कर दिया गया था।
करीम खान का बचाव
करीम खान ने अपने खिलाफ लगाए गए सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कोई गलत कार्य नहीं किया। उनके वकील ने भी संकेत दिया है कि इस फैसले को चुनौती देने के लिए सभी कानूनी विकल्पों का उपयोग किया जाएगा। वकील के अनुसार, खान इस निर्णय की निष्पक्षता और कानूनी वैधता पर सवाल उठा रहे हैं, जिससे आने वाले समय में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
ICC का निर्णय का स्वागत
द हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने सदस्य देशों के निर्णय का स्वागत किया है। असेंबली ऑफ स्टेट्स पार्टीज की अध्यक्ष पैवी कौकोरंता ने कहा कि सदस्य देशों ने अदालत की गरिमा और निष्पक्षता को बनाए रखने के लिए एकजुट होकर यह निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय के बावजूद ICC का काम अंतरराष्ट्रीय अपराधों की जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने का जारी रहेगा। उनके अनुसार, अदालत की संस्थागत विश्वसनीयता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
करीम खान का कार्यकाल
करीम खान ने 2021 में ICC के मुख्य अभियोजक का पद संभाला था। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गाजा संघर्ष से जुड़े मामले में भी उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा कदम उठाया था। 2024 में उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और तत्कालीन रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की मांग की थी।
इस मामले की जांच के दौरान हमास के कई शीर्ष नेताओं के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए थे। करीम खान का कार्यकाल कई बड़े अंतरराष्ट्रीय मामलों और विवादों से जुड़ा रहा। अब उनके पद से हटाए जाने के बाद ICC के नेतृत्व में बदलाव होगा और अदालत के अगले मुख्य अभियोजक के चयन की प्रक्रिया पर दुनिया की नजर रहेगी।