अजरबैजान में हिजाब विवाद: धार्मिक स्वतंत्रता पर उठे सवाल
अजरबैजान में हिजाब पर विवाद
नई दिल्ली: एक ऐसा देश जहां लगभग 96 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है, वहां हिजाब को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है। यह देश अजरबैजान है, जहां सरकारी स्कूलों में नए ड्रेस कोड के नियम लागू होने के बाद हिजाब पहनने वाली छात्राओं और महिला शिक्षकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर छात्राओं को स्कूल में प्रवेश से वंचित किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और धार्मिक स्वतंत्रता पर चर्चा तेज हो गई है।
हिजाब विवाद का कारण
इस विवाद की जड़ 21 सितंबर को अजरबैजान की कैबिनेट द्वारा पारित प्रस्ताव संख्या 309 में है। इस प्रस्ताव के तहत स्कूलों में निर्धारित यूनिफॉर्म और ड्रेस कोड से भिन्न कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रणाली को बनाए रखना और स्कूलों में समान ड्रेस कोड लागू करना है।
हालांकि, सरकार ने हिजाब पर सीधे प्रतिबंध लगाने की घोषणा नहीं की है, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, नए नियमों के लागू होने पर हिजाब पहनने वाली छात्राओं को कक्षाओं में जाने से रोका गया है। महिला शिक्षकों को भी सिर से स्कार्फ हटाने के निर्देश दिए जाने के आरोप लगे हैं।
स्कूलों में विरोध और गिरफ्तारी
नए नियमों के खिलाफ बाकू सहित कई क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन हुए। रिपोर्टों के अनुसार, बाकू के स्कूल नंबर 322 और 69 में कुछ छात्रों ने हिजाब पहनने वाली सहपाठियों के समर्थन में कक्षाओं का बहिष्कार किया। जलीलबाद के एक स्कूल में भी छात्राओं को हेडस्कार्फ के कारण प्रवेश नहीं दिया गया।
12 अक्टूबर को अजरबैजान के गृह मंत्रालय ने इन घटनाओं के संबंध में 37 लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस ने उन पर सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करने और स्कूलों के कार्यों में रुकावट डालने के आरोप लगाए हैं।
धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल
अजरबैजान का संविधान देश को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में परिभाषित करता है। जबकि सरकार समान ड्रेस कोड पर जोर दे रही है, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि हिजाब पहनना व्यक्तिगत आस्था और धार्मिक स्वतंत्रता का मामला है। शिक्षिका ज़हरा हसनोवा ने भी कहा कि हिजाब पहनना या उतारना उनकी व्यक्तिगत पसंद होनी चाहिए। आलोचकों का सवाल है कि सिर पर स्कार्फ पहनने से पढ़ाई में क्या रुकावट आती है।