अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर फिर से भड़की हिंसा: क्या है कारण?
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच संघर्ष की शुरुआत
ईद-उल-फितर के दौरान घोषित अस्थायी युद्धविराम समाप्त होते ही अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच फिर से गंभीर संघर्ष शुरू हो गया है। पूर्वी अफगानिस्तान के सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई गोलाबारी में दो नागरिकों की जान चली गई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। तालिबान प्रशासन के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के कुनार प्रांत के 'नारई' और 'सरकानो' जिलों में कई आर्टिलरी गोले दागे। इस हमले में दो आम नागरिकों की मौत हुई और आठ अन्य घायल हो गए।
पाकिस्तानी हमले की जानकारी
कुनार प्रांत के सूचना विभाग के निदेशक जियाउर रहमान स्पीनघर ने बताया कि युद्धविराम की अवधि समाप्त होते ही पाकिस्तानी सेना ने 'नारई' और 'सरकानो' जिलों में कई आर्टिलरी गोले दागे। इस हमले में दो नागरिकों की जान गई और आठ अन्य घायल हुए।
अफगान बलों का जवाबी हमला
अफगान सीमा सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। तालिबान अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने पाकिस्तान की तीन सैन्य चौकियों को नष्ट कर दिया है, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
पाकिस्तान का आरोप
पाकिस्तान की सेना की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के एक स्थानीय अधिकारी ने अफगान बलों पर कई क्षेत्रों में पहले गोलीबारी शुरू करने का आरोप लगाया है।
युद्धविराम के बाद की हिंसा
यह संघर्ष उस समझौते के एक हफ्ते बाद हुआ है, जिसमें सऊदी अरब, तुर्की और कतर की मध्यस्थता से दोनों पक्षों ने शत्रुता रोकने पर सहमति जताई थी। इससे पहले, पाकिस्तान के हवाई हमलों में काबुल के एक ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल को निशाना बनाया गया था, जिसमें तालिबान सरकार ने 400 से अधिक लोगों के मारे जाने का दावा किया था।
टीटीपी का हमले फिर से शुरू करने का ऐलान
सीमा पर तनाव के बीच, प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने भी घोषणा की है कि उसने ईद के तीन दिवसीय युद्धविराम के बाद पाकिस्तान के भीतर अपने हमले फिर से शुरू कर दिए हैं। TTP अफगान तालिबान का सहयोगी संगठन है। पाकिस्तान लगातार काबुल पर आरोप लगाता रहा है कि वह TTP नेताओं और हजारों आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जो सीमा पार से हमले करते हैं।