अब्दुल अल-सैयद बने पहले मुस्लिम सीनेटर, पत्नी का भारत से खास कनेक्शन
अब्दुल अल-सैयद की ऐतिहासिक जीत
अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन से अमेरिकी सीनेट का चुनाव जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार माइक रोजर्स को हराकर यह उपलब्धि हासिल की। इस जीत के साथ, अल-सैयद अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं। उनके भारत से भी एक महत्वपूर्ण संबंध है, क्योंकि उनकी पत्नी सारा जुकाकू भारतीय मूल की हैं, जिनका परिवार कर्नाटक के भटकल से जुड़ा हुआ है। सारा ने चुनाव प्रचार के दौरान अपने पति के लिए सक्रिय रूप से काम किया। अल-सैयद जनवरी 2027 में नई अमेरिकी कांग्रेस के सत्र की शुरुआत के साथ सीनेटर का पद ग्रहण करेंगे।
सारा जुकाकू की पृष्ठभूमि
सारा जुकाकू पेशे से एक मनोचिकित्सक हैं, जिन्होंने 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की डिग्री प्राप्त की। इससे पहले, उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी में समाजशास्त्र और नियर ईस्ट स्टडीज का अध्ययन किया। वहीं, अब्दुल अल-सैयद ने बायोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की। दोनों मुस्लिम स्टूडेंट्स एसोसिएशन से जुड़े हुए थे, जहां उनकी मुलाकात हुई और धीरे-धीरे उनके बीच नजदीकियां बढ़ीं। 2006 में उन्होंने शादी कर ली और उनके दो बेटियां हैं, जिनका नाम एमिली और सेरीन है।
सारा का कर्नाटक कनेक्शन
सारा जुकाकू के परिवार की जड़ें कर्नाटक से जुड़ी हैं। उनके दादा जुकाकू शमशुद्दीन एक प्रसिद्ध वकील और राजनेता थे, जिन्होंने मैसूर राज्य की सरकार में मंत्री के रूप में कार्य किया। आजाद भारत में, वे विधायक और उपमंत्री भी रहे। सारा के पिता, डॉ. तैयब जुकाकू, ने भटकल में अपना बचपन बिताया और बेंगलुरु से मेडिकल की पढ़ाई की। 1980 में वे अमेरिका के मिशिगन में बस गए और अब किडनी रोग विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि, उनके कई परिवार के सदस्य अभी भी कर्नाटक में रहते हैं।
सारा की चुनावी भूमिका
अब्दुल अल-सैयद की जीत में उनकी पत्नी सारा जुकाकू की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने मिडटर्म चुनाव के दौरान अपने पति के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया और चुनावी रैलियों में उनके साथ नजर आईं। एक रैली में सारा ने कहा कि उनके अलावा कोई नहीं बताता कि क्या करना है। वह लगातार अब्दुल के कैंपेन में शामिल होती रहीं। अल-सैयद ने भी कई बार भारतीय संस्कृति से अपने जुड़ाव के बारे में बात की है। एक इंटरव्यू में उन्होंने मजाक में कहा कि दक्षिण भारतीय परिवार में 20 साल तक शादीशुदा रहने के बाद, वह खुद को अरब से ज्यादा भारतीय महसूस करने लगे हैं।