अमेरिका-ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा
तनाव की नई परतें
अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव में वृद्धि हो रही है। ईरान ने शनिवार को अमेरिकी समुद्री नाकाबंदी के विरोध में होर्मुज को फिर से बंद करने का निर्णय लिया है। इस दौरान, दो व्यापारिक जहाजों पर गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं, हालांकि अभी तक किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
ईरान ने शुक्रवार को इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम के बाद होर्मुज को खोलने की घोषणा की थी। लेकिन ट्रंप ने एक बयान में कहा कि जब तक 100 प्रतिशत समझौता नहीं होता, तब तक ईरान की समुद्री नाकाबंदी जारी रहेगी। इसके कुछ समय बाद ही ईरान ने फिर से होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया।
गोलीबारी की घटनाएं
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी के अनुसार, ओमान के उत्तर-पूर्व में 20 समुद्री मील की दूरी पर एक टैंकर पर गोलीबारी की गई। यह हमला ईरान के आईआरजीसी से जुड़े दो गनबोटों द्वारा किया गया। टैंकर के कप्तान ने बताया कि बिना किसी चेतावनी के जहाज पर हमला किया गया, लेकिन चालक दल सुरक्षित है।
अमेरिका की कार्रवाई
यूएस सेंटकॉम ने जानकारी दी है कि ईरान के करीब 23 जहाजों को उनके बंदरगाहों पर वापस भेजा गया है। सेंटकॉम ने एक बयान में कहा, 'लिटोरल कॉम्बैट शिप यूएसएस कैनबरा अरब सागर में गश्त कर रहा है। नाकाबंदी के दौरान 23 जहाजों ने अमेरिकी सेना के निर्देशों का पालन किया है। अमेरिकी सेना उन जहाजों पर नाकाबंदी लागू कर रही है, जो ईरानी बंदरगाहों में प्रवेश कर रहे हैं या वहां से बाहर निकल रहे हैं।'
खामेनेई की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के जवाब में, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने अपने टेलीग्राम चैनल पर एक चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि ईरान की बहादुर नौसेना दुश्मनों को नई हार का सामना कराने के लिए तैयार है।
संभावित युद्ध का खतरा
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान की नौसेनाएं आमने-सामने आ चुकी हैं। अमेरिका ने ईरानी जहाजों के खिलाफ नाकाबंदी लागू की है, जबकि ईरान ने होर्मुज से अन्य व्यापारिक जहाजों के आवागमन पर रोक लगा दी है। इस बीच, संकेत मिल रहे हैं कि दूसरे दौर की बातचीत भी संकट में पड़ सकती है। यदि ऐसा हुआ, तो दोनों देशों के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बड़ी जंग छिड़ने का खतरा बढ़ सकता है।