अमेरिका-ईरान वार्ता: क्या शांति की ओर बढ़ेंगे दोनों देश?
नई दिल्ली में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का आगाज
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का पहला चरण स्विट्जरलैंड में आयोजित होने जा रहा है। यह बैठक हाल ही में हुए अंतरिम शांति समझौते के बाद हो रही है, जिसमें दोनों पक्षों ने स्थायी समाधान के लिए 60 दिनों तक बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई थी।
प्रतिनिधित्व की जानकारी
इस वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, जो पहले ही स्विट्जरलैंड पहुंच चुके हैं। प्रारंभिक बातचीत में अमेरिका ईरान से उसके परमाणु स्थलों पर संयुक्त राष्ट्र के निरीक्षकों को पहुंचने की अनुमति देने की मांग कर सकता है। इन स्थलों का अंतिम निरीक्षण जून 2025 में किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका इस कदम के बदले ईरान को उसकी जमी हुई विदेशी संपत्तियों का एक हिस्सा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है। प्रारंभिक चरण में कतर में फंसे लगभग 6 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं, जिसका उपयोग खाद्य पदार्थों, दवाओं और अन्य मानवीय जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा।
बैठक में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्ति
स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में होने वाली इस बैठक में ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल होंगे। इसके अलावा, पाकिस्तान भी मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, और वहां के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ तथा सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी उपस्थित रहेंगे।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चिंताएं
वार्ता से पहले जेडी वेंस ने कहा कि उनका उद्देश्य आगे की बातचीत के लिए एक मजबूत आधार तैयार करना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति संभव होगी। हालांकि, इस प्रक्रिया के सामने चुनौतियां भी हैं। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने आशंका जताई है कि क्षेत्रीय राजनीतिक परिस्थितियां और इजराइल-लेबनान तनाव शांति प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा, होर्मुज जलमार्ग पर भी नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है।