×

अमेरिका-ईरान संघर्ष: क्या वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर?

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक चिंता को जन्म दिया है। दोनों देशों के बीच की स्थिति अब केवल बयानों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह विनाशकारी सैन्य कार्रवाइयों में बदल चुकी है। अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए हैं, जबकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी है। जानें इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ेगा और डोनाल्ड ट्रंप का क्या कहना है।
 

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सैन्य टकराव ने पूरी दुनिया को गहरी चिंता में डाल दिया है। दोनों देशों के बीच का तनाव अब केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह विनाशकारी सैन्य कार्रवाइयों में बदल चुका है। अमेरिकी लड़ाकू विमान ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों पर बमबारी कर रहे हैं, जबकि ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। इस संघर्ष का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और व्यापारिक मार्गों पर भी पड़ने लगा है।


ईरान की चेतावनी

दक्षिणी ईरान में धमाके


युद्ध का एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब ईरान की शीर्ष सैन्य कमान ने 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर गंभीर चेतावनी दी। ईरान ने कहा है कि इस क्षेत्र से गुजरने वाले तेल टैंकरों और व्यापारिक जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके तुरंत बाद, ईरानी मीडिया ने दावा किया कि उन्होंने दो तेल टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की है, जबकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि होर्मुज में जहाजों की आवाजाही अभी भी जारी है।


अमेरिका का आर्थिक दबाव

कंपनियों पर अमेरिकी शिकंजा


इस सैन्य टकराव के बीच, अमेरिका ने ईरान के वित्तीय और सैन्य सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में चीन और हॉन्गकॉन्ग से जुड़ी 11 संस्थाओं और व्यक्तियों पर कड़े प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है। इन पर आरोप है कि ये कंपनियां और लोग ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स और ईरानी सेना के लिए गुप्त रूप से हथियार और सैन्य उपकरण खरीदने का काम कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क ईरान के गुप्त वित्तीय तंत्र का हिस्सा था, जो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को दरकिनार कर रहा था।


डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी


इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि ईरान ने समझौता करने में बहुत देर कर दी है। व्हाइट हाउस से जारी बयान में ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, 'हमने उन्हें कल जोरदार तरीके से मारा था और आज फिर मारेंगे।' राष्ट्रपति के इस बयान के कुछ ही घंटों बाद, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दक्षिणी ईरान में नए हवाई हमलों की पुष्टि की। ये हमले ईरान की लगातार जारी और अनुचित आक्रामकता का उचित जवाब हैं।