अमेरिका-ईरान संघर्ष: चौथे सप्ताह में बढ़ती तनाव की स्थिति
संघर्ष की गंभीरता
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब चौथे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है, और यह स्थिति 'आर-पार' की लड़ाई में बदलती नजर आ रही है। रविवार को दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को नष्ट करने की सीधी धमकी दी, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर गंभीर खतरे मंडरा रहे हैं।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका अपने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बिजली संयंत्रों पर हमले की धमकी को लागू करता है, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत 'पूरी तरह से बंद' कर देगा। ट्रंप ने शनिवार रात ईरान को जलडमरूमध्य को खोलने के लिए 48 घंटे का समय दिया था।
इजराइल पर हमला
ईरान ने इजराइल के एक गुप्त परमाणु अनुसंधान केंद्र पर मिसाइल से हमला किया, जिसमें आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले कई लोग घायल हुए। इस घटना के बाद, इजराइल के नेताओं ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और लोगों का हालचाल जाना। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस हमले में किसी की जान नहीं गई, जो एक चमत्कार है।
युद्ध के लक्ष्य
नेतन्याहू ने दावा किया कि इजराइल और अमेरिका अपने युद्ध लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। इनमें ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को कमजोर करना और ईरानी जनता को धार्मिक शासन के खिलाफ खड़ा करना शामिल है। हालांकि, ईरान में विद्रोह का कोई संकेत नहीं मिला है, और यह संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला रहा है।
संघर्ष के परिणाम
28 फरवरी को शुरू हुए इस युद्ध में 2,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इस बीच, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात ने कहा कि उनकी हवाई रक्षा प्रणाली मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रही है, जबकि बहरीन में हवाई हमलों के संकेत देने वाले सायरन बज रहे हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है, जिससे टैंकर यातायात में भारी कमी आई है।
वैश्विक तेल आपूर्ति पर प्रभाव
वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान जलडमरूमध्य नहीं खोलता है, तो अमेरिका उसके ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर देगा। अमेरिका का तर्क है कि ईरान का रिवोल्यूशनरी गार्ड देश के अधिकांश बुनियादी ढांचे को नियंत्रित करता है।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने कहा कि यदि ईरान के बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जाता है, तो पूरे क्षेत्र के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को वैध लक्ष्य माना जाएगा।