अमेरिका-ईरान संघर्ष में नए मोड़, रूस ने यूक्रेन में किया कब्जा
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया है, जिसमें इजरायल ने ईरान पर हमले किए हैं और ईरान ने यूएई को निशाना बनाया है। इस बीच, रूस ने यूक्रेन के ब्रुसिवका पर कब्जा करने का दावा किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति के दावों का खंडन किया है, जबकि पुतिन ने खाड़ी संघर्ष के संभावित परिणामों पर चिंता जताई है। जानें इस जंग के आगे क्या हो सकता है।
Mar 28, 2026, 17:11 IST
अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच बढ़ता संघर्ष
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई अब 29वें दिन में प्रवेश कर चुकी है। इजरायल ने ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर फिर से हमले किए हैं, जबकि ईरान ने इजरायल के साथ-साथ संयुक्त अरब अमीरात को भी निशाना बनाया। यूएई में एक इंटरसेप्टेड मिसाइल के मलबे के गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। इस बीच, अमेरिका इस संघर्ष में उलझा हुआ है। दूसरी ओर, रूस ने यूक्रेन में अपने नए सैन्य अभियान को अंजाम दिया है। रूसी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के ब्रुसिवका गांव पर नियंत्रण का दावा किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि उनकी सेनाओं ने डोनेट्स्क क्षेत्र में ब्रुसिवका पर कब्जा कर लिया है। यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नया अध्याय है।
यूक्रेन के राष्ट्रपति का दावा और अमेरिका का खंडन
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के उस बयान को खारिज किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिकी प्रशासन किसी युद्धविराम योजना के तहत यूक्रेन से डोनबास क्षेत्र को रूस को सौंपने की मांग कर रहा है। फ्रांस में जी-7 की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने जेलेंस्की की टिप्पणी को गलत बताया और कहा कि अमेरिका ने ऐसी कोई शर्त नहीं रखी है। उन्होंने कहा, “यह झूठ है। जेलेंस्की जानते हैं कि यह सच नहीं है।” जेलेंस्की ने हाल ही में ‘रॉयटर्स’ को बताया था कि अमेरिका सुरक्षा गारंटी देने के प्रस्ताव को डोनबास क्षेत्र छोड़ने की शर्त से जोड़ रहा है। डोनबास, जो यूक्रेन का औद्योगिक केंद्र है, पर रूस की सेना का कब्जा बढ़ता जा रहा है, लेकिन अभी भी कुछ मजबूत किलेबंद क्षेत्रों पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं पाया है।
पुतिन का बयान और संघर्ष के संभावित परिणाम
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि खाड़ी संघर्ष के परिणामों का अनुमान लगाना मुश्किल है और इसे कोविड महामारी से तुलना किया जा सकता है। उन्होंने आरएसपीपी सम्मेलन में कहा कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हमले से भड़के संघर्ष ने उद्योगों को खतरे में डाल दिया है। पुतिन ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष वैश्विक स्थिति को तेजी से प्रभावित कर रहा है और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में महत्वपूर्ण व्यवधान पैदा कर रहा है।’’ अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए, जिसके बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे युद्ध पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल गया। होर्मुज जलडमरूमध्य, जो विश्व की ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, इस संघर्ष का केंद्र बन गया है। पुतिन का कहना है कि इसके परिणाम अप्रत्याशित हो सकते हैं।