अमेरिका और अल-कायदा के बीच दुश्मनी का इतिहास
अमेरिका और अल-कायदा की अदावत
अमेरिका और अल-कायदा के बीच दुश्मनी का इतिहास तीन दशकों से अधिक पुराना है। यह संघर्ष 1990 के दशक में शुरू हुआ और आज भी विभिन्न रूपों में जारी है। वर्तमान में, अल-कायदा और उसके सहयोगी संगठन अफ्रीका में सक्रिय हैं। 1990 के दशक में अमेरिका ने अल-कायदा को गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन जब केन्या और तंजानिया में उसके दूतावासों पर हमले हुए, तब अमेरिका की नींद टूटी। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
ओसामा बिन लादेन का उदय
उस समय अल-कायदा का नेता ओसामा बिन लादेन था, जिसने अमेरिका के खिलाफ 'पवित्र युद्ध' की घोषणा की। लादेन के इस कदम ने मध्य-पूर्व में स्थायी बदलाव ला दिया। अमेरिका और अल-कायदा की दुश्मनी ने अफगानिस्तान युद्ध, इराक युद्ध और सीरिया गृह युद्ध की नींव रखी। सोमालिया, सूडान और यमन में भी अल-कायदा के कारण तबाही मची।
अल-कायदा के हमले
पर्ल हार्बर के 85 साल बाद, अल-कायदा ने अमेरिका पर सबसे बड़ा हमला किया, जिसने पूरी दुनिया को हिला दिया। आतंकवाद की परिभाषा बदलने लगी और आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय संगठनों का गठन हुआ। अमेरिका को अफगानिस्तान और इराक में अपनी सेना भेजनी पड़ी।
अल-कायदा का उदय
1979 से 1989 तक अफगानिस्तान में सोवियत संघ और अफगान लड़ाकों के बीच संघर्ष हुआ। इस दौरान कई मुजाहिद्दीन संगठनों का जन्म हुआ। ओसामा बिन लादेन ने 1988 में अल-कायदा की स्थापना की, जिसका उद्देश्य वैश्विक जिहाद और खिलाफत की स्थापना करना था।
अमेरिका और अल-कायदा के बीच दुश्मनी की शुरुआत
1990-91 में खाड़ी युद्ध के दौरान, ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका की सऊदी अरब में सेना तैनात करने का विरोध किया। इससे उनकी दुश्मनी की शुरुआत हुई।
अमेरिका पर अल-कायदा के हमले
अदन होटल अटैक: 29 दिसंबर 1992 को यमन के अदन में अल-कायदा ने अमेरिका पर पहला हमला करने का प्रयास किया।
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला: 26 फरवरी 1993 को न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर पहला हमला हुआ।
सोमालिया ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर केस: 1993 में अमेरिका ने सोमालिया में एक ऑपरेशन किया, जिसमें कई अमेरिकी सैनिक मारे गए।
9/11 का हमला
11 सितंबर 2001 को अल-कायदा ने अमेरिका पर सबसे बड़ा आतंकवादी हमला किया, जिसमें लगभग 3000 लोगों की जान गई।
आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका का वैश्विक युद्ध
9/11 के हमले के बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध का एलान किया।
तालिबान और लादेन
ओसामा बिन लादेन 1996 में सूडान से अफगानिस्तान आया और तालिबान सरकार ने उसे शरण दी।
दो दशक तक चली जंग
7 अक्टूबर 2001 को अमेरिका ने ऑपरेशन एंड्योरिंग फ्रीडम की शुरुआत की।
अमेरिकी सेना की वापसी
2021 में अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से वापसी की, जिससे तालिबान फिर से सत्ता में आया।
इराक युद्ध और जवाहिरी की मौत
अफगानिस्तान युद्ध के दौरान अमेरिका ने इराक पर हमला किया और सद्दाम हुसैन को फांसी दी।
सीरिया में अल-कायदा का प्रभाव
सीरियाई गृह युद्ध के दौरान अल-कायदा ने अल-नुसरा फ्रंट बनाया।