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अमेरिका और इज़राइल का ईरान पर हमला: पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव

अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया है, जिससे पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के न्यूक्लियर हथियारों के खतरे को खत्म करने का संकल्प लिया है। इस बीच, ईरान ने इज़राइल को निशाना बनाते हुए मिसाइलें दागी हैं और अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

ईरान पर संयुक्त हमले की पुष्टि

अमेरिका और इज़राइल ने मिलकर ईरान पर हमला किया है, जिससे पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक टेलीविज़न बयान में इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि ईरान के पास कभी भी न्यूक्लियर हथियार नहीं होने चाहिए। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान की मिसाइलों को नष्ट करेगा और उनकी मिसाइल उद्योग को खत्म कर देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी ईरानी सेना विरोध जारी रखेगी, उसका सामना भारी सैन्य शक्ति से किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने ईरानियों से अपनी सरकार पर नियंत्रण पाने की अपील की।


खामेनेई का ठिकाना और हमले की तैयारी

क्या खामेनेई ने तेहरान छोड़ा?

इज़राइल और अमेरिका के संयुक्त ऑपरेशन के तुरंत बाद, अधिकारियों ने बताया कि वे ईरान के उच्च अधिकारियों को निशाना बना रहे थे, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई भी शामिल थे। उनके कार्यालय के आसपास धमाकों की आवाज़ सुनी गई। हालांकि, ईरानी सूत्रों के अनुसार, खामेनेई तेहरान छोड़ चुके हैं और उन्हें एक सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया है। यह कदम अमेरिका-इज़राइल के हमलों के बाद उठाया गया है। रॉयटर्स ने बताया कि हमले के समय खामेनेई तेहरान में नहीं थे।


नेतन्याहू का बयान

नेतन्याहू ने हमलों पर क्या कहा?

हमलों के बाद, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह संयुक्त अभियान ईरानियों को अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने का अवसर देगा। उन्होंने बताया कि इज़राइल और अमेरिका ने ईरान में आतंकवादी शासन के खतरे को समाप्त करने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया था।


ईरान का जवाब

ईरान ने हमलों का क्या जवाब दिया?

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने पुष्टि की है कि उसने इज़राइल को निशाना बनाते हुए ड्रोन और मिसाइलों की अपनी पहली लहर लॉन्च की है। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरान ने इज़राइल की ओर 30 से 75 मिसाइलें दागी हैं। इसके बाद, ईरान ने अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है। ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता ने बताया कि देश का एयरस्पेस अगली सूचना तक बंद रहेगा। इसके अलावा, तेहरान के कई हिस्सों में मोबाइल नेटवर्क बाधित हो गए हैं।


IDF की तैयारियाँ

IDF ईरान की मिसाइलों को कैसे रोक रहा है?

इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा है कि उसने ईरान से इज़राइल की ओर दागी गई मिसाइलों की पहचान की है। इज़राइली सेना ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। एरियल डिफेंस सिस्टम खतरे की पहचान कर रहा है और उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा है। कुछ समय पहले, ईरान से दागी गई मिसाइलों की पहचान के बाद कई क्षेत्रों में सायरन बजाए गए। नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करें।