अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक समझौता: हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलेगा
महत्वपूर्ण समझौता
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता संपन्न हुआ है। दोनों देशों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे फिर से खोलने पर सहमति जताई है। इसके बदले अमेरिका अपनी नौसेना की रोक को आसान बनाने के लिए तैयार है। इस समझौते से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर लगे संकट को कम करने की उम्मीद बढ़ गई है।
अल अरबिया के सूत्रों की जानकारी
अल अरबिया न्यूज चैनल के सूत्रों के अनुसार, यह समझौता दोनों पक्षों के बीच हो चुका है। ईरान ने संघर्ष के दौरान इस जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। सूत्रों ने बताया, "ब्लॉकेड को आसान करने के बदले हॉर्मुज को चरणबद्ध तरीके से खोलने पर सहमति बनी है। आने वाले घंटों में जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को रिहा किया जाएगा।"
ट्रंप का सकारात्मक दृष्टिकोण
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आज कहा कि ईरान के साथ बातचीत "बहुत अच्छी" चल रही है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि युद्ध जल्द समाप्त होगा। इस विकास से पहले तेहरान ने वाशिंगटन द्वारा प्रस्तावित 14 सूत्री समझौता ज्ञापन (MoU) पर विचार किया था।
समझौते की प्रमुख शर्तें
रिपोर्टों के अनुसार, इस समझौते में ईरान परमाणु समृद्धिकरण पर रोक लगाने का वादा कर सकता है। इसके बदले अमेरिका अपनी पाबंदियां हटाने और ईरान के फंसे अरबों डॉलर रिलीज करने के लिए तैयार है। दोनों देश जलडमरूमध्य में आवाजाही की पाबंदियां भी हटाएंगे। पाकिस्तानी सूत्रों के हवाले से पहले रॉयटर्स ने भी बताया था कि दोनों देश एक पेज के संक्षिप्त समझौते के करीब पहुंच गए हैं।
शेयर बाजारों में उछाल
इस खबर के चलते एशियाई शेयर बाजारों में तेजी आई है। टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 5.7 प्रतिशत तक चढ़कर नया रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। निवेशक उम्मीद कर रहे हैं कि पर्सियन गल्फ से तेल टैंकरों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी।
यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच तनाव को कम करेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी राहत भरा कदम साबित हो सकता है। फिलहाल, दोनों पक्षों से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।