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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, ट्रंप ने दी नई धमकी

अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड में चल रही वार्ता के बीच, ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसने लेबनान में अपने प्रॉक्सी समूहों को नहीं रोका, तो अमेरिका एक और गंभीर हमला करेगा। ईरान ने भी जवाब दिया है कि उनकी सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं। इस तनाव के बीच, इजरायल ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक जानकारी।
 

स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता

अमेरिका और ईरान के बीच स्थायी समझौते पर चर्चा स्विट्जरलैंड में चल रही है। इस दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसने लेबनान में अपने प्रॉक्सी समूहों को नहीं रोका, तो अमेरिका एक और गंभीर हमला करेगा। ट्रंप की इस चेतावनी पर ईरान ने भी प्रतिक्रिया दी है, यह कहते हुए कि उनकी सशस्त्र सेनाएं जवाब देने के लिए तैयार हैं।


ट्रंप की धमकी और होर्मुज पर टोल

ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट पर लिखा, 'ईरान को लेबनान में अपने प्रॉक्सी को तुरंत रोकना होगा। यदि ऐसा नहीं होता है, तो हम ईरान पर एक और बड़ा हमला करेंगे, जो पिछले हमले से भी अधिक गंभीर होगा।'


इसके अलावा, ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टोल लगाने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि यदि 60 दिनों के भीतर समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका वहां टोल वसूलेगा। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सीजफायर के दौरान 60 दिनों तक कोई टोल नहीं लगेगा, लेकिन यदि डील नहीं होती है, तो अमेरिका टोल वसूलेगा।


ईरान की प्रतिक्रिया

ट्रंप की धमकियों पर ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने चेतावनी दी कि उनकी सशस्त्र सेनाएं जवाब देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, 'क्या उन्हें नहीं लगता कि अगर उनकी धमकियों का असर होता, तो वे आज इस स्थिति में नहीं होते? हम अमेरिकी धमकियों को गंभीरता से नहीं लेते।'


स्विट्जरलैंड वार्ता का भविष्य

ईरान की एक समाचार एजेंसी ने बताया कि यदि इजरायल ने लेबनान से अपनी सेना को नहीं हटाया, तो तेहरान अमेरिका के साथ सभी वार्ताएं स्थगित कर देगा। ईरान ने कहा है कि समझौते के अनुच्छेद 1 को लागू किए बिना बातचीत करना बेकार होगा।


इजरायल की स्थिति

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ सैन्य दबाव बनाए रखेगा और ईरान को किसी भी हाल में परमाणु बम हासिल करने नहीं देगा। नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर इजरायल कोई समझौता नहीं करेगा।