अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता जारी, ट्रंप की धमकियाँ
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का दौर
रविवार की सुबह तक अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में वार्ता जारी रही। यह संवाद इस्लामाबाद के सेरेना होटल में हो रहा है, जिसमें अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं। पाकिस्तान इस प्रक्रिया में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। शांति पर चर्चा हो रही है, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियाँ ईरानी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई हैं। दोनों पक्षों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर गतिरोध बना हुआ है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव
ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखना चाहता है, जबकि अमेरिका इसे पूरी तरह से खोलने की मांग कर रहा है। ईरानी मीडिया का कहना है कि अमेरिका की कुछ मांगें अत्यधिक हैं, जिससे आम सहमति नहीं बन पा रही है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि चाहे डील हो या न हो, अमेरिका को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति अमेरिका:-
हम ईरान के साथ गहन बातचीत कर रहे हैं। हम हर हाल में जीतेंगे। हमने उन्हें सैन्य रूप से हरा दिया है। चाहे हम कोई समझौता करें या न करें, इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसकी वजह यह है कि हम जीत चुके हैं, चाहे आप फेक न्यूज पर यकीन करें या न करें।
चीन को ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि वह ईरान को हथियार भेजता है, तो उसे गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी नौसेना की गतिविधियाँ
अमेरिकी नौसेना के दो जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइन हटाने का कार्य शुरू कर चुके हैं। ईरान ने पहले इस स्ट्रेट को बंद कर दिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ अधिकारी भी इस प्रक्रिया में शामिल हुए हैं।
बातचीत की प्रगति
ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कई घंटों से चल रही है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सहमति नहीं बन पाई है। ट्रंप अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, और जेडी वेंस उनके संदेश के साथ पाकिस्तान आए हैं। ईरान झुकने के लिए तैयार नहीं है।
इजरायल का रुख
इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ उनका अभियान अभी समाप्त नहीं हुआ है। लॉस एंजेलेस में कुछ ईरानी मूल के लोग रैली कर रहे हैं, और उनका कहना है कि अमेरिका को ईरान की मौजूदा सरकार के साथ कोई डील नहीं करनी चाहिए। वे युद्ध जारी रखने की मांग कर रहे हैं ताकि शासन में बदलाव हो सके।
पाकिस्तान की स्थिति
पाकिस्तानी मीडिया का कहना है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है, लेकिन होर्मुज पर अभी भी अड़चन बनी हुई है। हालांकि, आम सहमति की उम्मीदें कम होती नजर आ रही हैं।