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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाज की महत्वपूर्ण यात्रा

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच, भारतीय जहाज एपीजे प्रीति ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया, जिससे किसानों के लिए राहत की खबर आई है। इस जहाज में 65,000 मीट्रिक टन उर्वरक लदा है, जो खरीफ फसलों की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण है। इस लेख में जानें कि कैसे यह यात्रा भारतीय किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है और ईरान में फंसे अन्य जहाजों की स्थिति क्या है।
 

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की नई लहर

एक बार फिर अमेरिका और ईरान ने युद्ध विराम का उल्लंघन करते हुए एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब एक कार्गो विमान पर हमला हुआ, जिसके बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने भी अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। हाल ही में दोनों देशों के बीच शांति समझौता हुआ था, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर स्थिति बिगड़ गई और हमले शुरू हो गए। इस बीच, भारत का एक मालवाहक जहाज एपीजे प्रीति ने होर्मुज को पार कर सभी को चौंका दिया।


भारतीय जहाज की यात्रा और किसानों के लिए राहत

यह जहाज भारत के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार लेकर आया है, क्योंकि इसमें लगभग 65,000 मीट्रिक टन उर्वरक लदा हुआ है। यह जहाज उन पहले जहाजों में से एक था जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की योजना में शामिल किया गया था। इसने ईरान द्वारा निर्धारित मार्गों का उपयोग करते हुए होर्मुज को पार किया। यह भारतीय किसानों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय आ गया है। जहाज ने उस क्षेत्र को पार किया जहां कुछ घंटे पहले एक तेल टैंकर पर हमला हुआ था, जिसके बाद समुद्री सुरक्षा एजेंसियों ने खतरे का स्तर बढ़ा दिया।


फंसे हुए भारतीय जहाजों की स्थिति

एक रिपोर्ट के अनुसार, फारस की खाड़ी में होर्मुज के पश्चिम में 15 भारतीय जहाज अभी भी फंसे हुए हैं। इनमें एक ऊर्जा कार्गो जहाज, चार उर्वक ले जाने वाले जहाज और 10 अन्य जहाज शामिल हैं। सरकार इन सभी जहाजों को सुरक्षित निकालने की योजना बना रही है। अब तक 44 जहाज भारत की ओर आ चुके हैं, जिनमें 17 भारतीय और 27 विदेशी झंडे वाले जहाज शामिल हैं। इनमें कच्चे तेल के टैंकर, एलपीजी और एलएनजी कैरियर, बल कैरियर, कंटेनर जहाज और अन्य मालवाहक पोत शामिल हैं। ईरान ने स्टेट ऑफ फार्मच को फिर से खोलने का दावा किया है, जो ईरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते का हिस्सा है।