अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता: ट्रंप का अनोखा प्रस्ताव
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का नया दौर
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बावजूद, अब दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का एक नया चरण शुरू हो चुका है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक ऐसा प्रस्ताव पेश किया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत वर्षों से फ्रीज की गई ईरानी संपत्तियों का उपयोग अब अमेरिकी किसानों से गेहूं, मक्का और सोयाबीन खरीदने के लिए किया जा सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर दोनों देशों के दृष्टिकोण भिन्न हैं।
ट्रंप का कृषि उत्पादों के लिए नया बाजार
व्हाइट हाउस में कृषि से संबंधित एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए, राष्ट्रपति ट्रंप ने किसानों को बताया कि अमेरिका विभिन्न देशों में अपने कृषि उत्पादों के लिए नए बाजारों की तलाश कर रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान एक ऐसा बाजार बन सकता है, जहां अमेरिकी अनाज की बड़ी मात्रा भेजी जा सकेगी। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान में खाद्य सामग्री की भारी आवश्यकता है और वहां आवश्यक सामान पहुंचाने के लिए फ्रीज की गई संपत्तियों का उपयोग किया जा सकता है। उनके अनुसार, इस योजना पर जल्द ही कार्य शुरू होगा, जिससे अमेरिकी किसानों और जरूरतमंद लोगों को लाभ होगा।
12 अरब डॉलर की योजना का प्रस्ताव
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो लगभग 12 अरब डॉलर की राशि अमेरिकी कृषि उत्पादों की खरीद में लगाई जा सकती है। वर्तमान में, अमेरिका और ईरान के बीच व्यापार काफी सीमित है, जो मुख्य रूप से मानवीय जरूरतों से संबंधित वस्तुओं तक ही सीमित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस योजना पर सहमति बनती है, तो यह व्यापारिक संबंधों में एक नई शुरुआत का संकेत हो सकता है। हालांकि, अभी तक इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच कोई ठोस सहमति नहीं बनी है।
ईरान का अलग रुख
अमेरिका के इस प्रस्ताव पर ईरान ने अलग दृष्टिकोण अपनाया है। तेहरान का कहना है कि यदि उसकी संपत्तियां जारी की जाती हैं, तो उनका उपयोग किस उद्देश्य के लिए होगा, यह केवल ईरान तय करेगा। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी खरीदारी का निर्णय देश की जरूरत, कीमत और गुणवत्ता के आधार पर होगा, न कि अमेरिका द्वारा निर्धारित शर्तों के अनुसार। उनका कहना है कि ईरान अपने नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए स्वतंत्र रूप से निर्णय लेगा।
शांति वार्ता के बीच उम्मीदें
हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच शांति वार्ता का पहला दौर आयोजित किया गया। इस समझौते में कुछ शर्तों के साथ ईरान की लगभग 12 अरब डॉलर की फ्रीज संपत्तियों को जारी करने का प्रस्ताव भी शामिल है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि यदि यह राशि जारी होती है, तो इसका उपयोग अमेरिकी किसानों से खाद्य सामग्री खरीदने और ईरान के लोगों तक भोजन पहुंचाने के लिए किया जा सकता है।
ट्रंप का सोशल मीडिया पर बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस मुद्दे पर अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जारी की जाने वाली राशि विशेष एस्क्रो खाते में रखी जाएगी, जिसकी निगरानी अमेरिका करेगा। उनके अनुसार, इस धन का उपयोग केवल अमेरिका से खाद्य और चिकित्सा सामग्री खरीदने में किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान इस समय मानवीय संकट का सामना कर रहा है और लोगों तक आवश्यक सामान पहुंचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।
ईरान का अधिकार
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि फ्रीज संपत्तियां जारी होने के बाद उन पर पूरा अधिकार ईरान का होगा। उन्होंने कहा कि देश अपनी जरूरतों के अनुसार किसी भी वस्तु की खरीद कर सकता है और इस पर किसी अन्य देश की शर्तें स्वीकार नहीं की जाएंगी। जेनेवा में ईरान के राजदूत अली बहरेनी ने भी यही बात दोहराते हुए कहा कि ईरान की संपत्तियों के उपयोग का निर्णय केवल ईरान ही करेगा।