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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ी जुबानी जंग

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ता जा रहा है। ट्रंप के नियंत्रण के दावे के बाद, ईरान ने जवाब दिया है कि जलमार्ग का प्रबंधन उनके हाथ में है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए जलडमरूमध्य को बंद करने की बात कही है। इस स्थिति का वैश्विक ऊर्जा बाजार पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

नई दिल्ली में होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव


नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य, जो कि वैश्विक समुद्री मार्गों में से एक है, पर अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 'हमारा पूरा नियंत्रण है' वाले बयान के बाद, ईरान ने जवाब देते हुए कहा कि इस जलमार्ग का प्रबंधन इस्लामिक रिपब्लिक के हाथ में है।


ट्रंप का दावा: 'हमारी है स्टील की दीवार'

बुधवार को ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। मुझे विश्वास है कि हम इसे अपने नियंत्रण में रखेंगे!"


उन्होंने यह भी कहा कि हर कोई अमेरिकी नौसैनिक घेराबंदी को 'स्टील की दीवार' के रूप में देखता है और ईरान इसके खिलाफ कुछ नहीं कर सकता। अमेरिका ने पहले भी इस जलडमरूमध्य पर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है।


ईरान का जवाब: 'हम ही तय करेंगे'

ट्रंप के बयान के बाद, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े होसैन ताएब ने कहा, "आप देख सकते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य इस्लामिक रिपब्लिक के नियंत्रण में है। हमारा देश पूरी सुरक्षा के साथ आगे बढ़ रहा है।"


ईरान के प्रमुख राजनयिक अब्बास अरागची ने भी अमेरिका पर गलत आकलन का आरोप लगाया। उन्होंने X पर लिखा, "खुफिया जानकारी में विफलता के कारण अमेरिका लंबे समय से गलत आकलन कर रहा है।"


इजरायल और अमेरिका के जहाजों पर प्रतिबंध

ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने सरकारी टीवी पर कहा कि यह जलडमरूमध्य अमेरिकी और इजरायली जहाजों के लिए बंद है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ज़ायोनी शासन के जहाजों को किसी भी स्थिति में होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं होगी।


नए समुद्री रास्ते की योजना

ईरान ने पहले कहा है कि वह इस जलमार्ग पर नियंत्रण रखता है और यहां टोल सिस्टम लागू करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, ईरान और ओमान एक नया समुद्री मार्ग बनाने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है।


तेहरान का कहना है कि यदि नया रास्ता बन भी जाए, तो अमेरिका ईरान की मांगों को नहीं मानेगा, तब तक होर्मुज आसानी से नहीं खुलेगा। होर्मुज जलडमरूमध्य विश्व के तेल और गैस के लगभग 20 प्रतिशत यातायात का प्रबंधन करता है, इसलिए ट्रंप और ईरान के बीच यह बयानबाजी वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।