अमेरिका और नाटो के बीच बढ़ता तनाव: स्पेन पर कार्रवाई की तैयारी
अमेरिका का नया मोर्चा
अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाइयों के साथ-साथ अब नाटो देशों पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। हाल ही में अमेरिका और स्पेन के बीच तनाव बढ़ गया है, जब स्पेन ने अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग करने से मना कर दिया। स्पेन ने स्पष्ट किया कि वह युद्ध का समर्थन नहीं करेगा, जिससे अमेरिका नाराज हो गया है।
एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि पेंटागन के एक आंतरिक ईमेल में उन विकल्पों का उल्लेख किया गया है, जिनके तहत अमेरिका उन नाटो सहयोगियों को दंडित कर सकता है, जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों में सहयोग नहीं कर रहे हैं। इनमें स्पेन को नाटो से निलंबित करने और फॉकलैंड द्वीप समूह पर ब्रिटेन के दावे की समीक्षा करने का प्रस्ताव शामिल है।
स्पेन का जवाब
स्पेन ने अमेरिका की धमकियों का जवाब देते हुए कहा है कि नाटो से निकालना आसान नहीं है। स्पेन के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अमेरिका की कार्रवाई का कोई ठोस आधार नहीं है। पेंटागन के ईमेल में यह भी उल्लेख किया गया है कि नाटो में कठिनाई वाले देशों को महत्वपूर्ण पदों से निलंबित करने का विचार किया जा रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले भी नाटो सहयोगियों की आलोचना की है कि उन्होंने ईरान के खिलाफ कार्रवाई में मदद नहीं की। ट्रंप ने यह भी कहा है कि अगर नाटो का व्यवहार ऐसा ही रहा, तो अमेरिका गठबंधन से बाहर जाने पर विचार कर सकता है।
यूरोप में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति
विश्लेषकों का मानना है कि ईरान के साथ अमेरिका का संघर्ष नाटो के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यूरोपीय सहयोगियों का मानना है कि अगर उन पर हमला होता है, तो अमेरिका उनकी मदद नहीं करेगा। ब्रिटेन और फ्रांस ने कहा है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी में शामिल होना युद्ध में प्रवेश करने के समान होगा।
स्पेन ने अमेरिका की निराशा को खारिज करते हुए कहा है कि उसके पास नाटो से बाहर निकलने का कोई प्रावधान नहीं है। अमेरिका के पास स्पेन में दो महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे हैं, जो इस तनाव को और बढ़ा सकते हैं।