अमेरिका का ईरान पर बड़ा आर्थिक हमला: 'महान एयर' और उसके सहयोगियों पर प्रतिबंध
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के बीच, डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने तेहरान की वित्तीय और लॉजिस्टिक्स प्रणाली पर एक महत्वपूर्ण हमला किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान की प्रमुख एयरलाइन 'महान एयर' और उसके सहयोगी वैश्विक नेटवर्क पर कड़े प्रतिबंधों की घोषणा की है। यह कदम 'ऑपरेशन इकोनॉमिक OUTCAST' के तहत उठाया गया है, जो उन देशों और कंपनियों के लिए चेतावनी है जो ईरानी शासन को आर्थिक सहायता प्रदान कर रहे हैं।
सीधी कार्रवाई का दौर
अल्टीमेटम के बाद अब सीधी कार्रवाई का दौर
स्कॉट बेसेंट ने एक्स पर अपनी नीति स्पष्ट करते हुए कहा कि अमेरिका ने जो वादा किया था, उसे अब लागू किया जा रहा है। यदि कोई विदेशी कंपनी या संस्था ईरानी एयरलाइंस के साथ वाणिज्यिक या तकनीकी लेन-देन जारी रखती है, तो उसे अमेरिकी और वैश्विक वित्तीय प्रणाली से हमेशा के लिए बाहर कर दिया जाएगा।
महान एयर और विमानन नेटवर्क पर नकेल
महान एयर और विमानन नेटवर्क निशाने पर
अमेरिकी जांच एजेंसियों का कहना है कि महान एयर नागरिक उड़ानों के माध्यम से ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के लिए हथियार, सैन्य कर्मी और अवैध उपकरणों का परिवहन करती रही है। इसलिए, अमेरिका ने न केवल महान एयर पर बल्कि ईरान के अन्य विमानन बेड़े और उन्हें पुर्जे व रसद सेवाएं देने वाली विदेशी कंपनियों पर भी कार्रवाई की है। बेसेंट ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल विमानन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समुद्री व्यापार, डिजिटल संपत्तियों और तेल तस्करी के रास्तों को भी बंद किया जाएगा।
खतरे को समाप्त करने की रणनीति
खतरे को प्रबंधित करने की जगह जड़ से मिटाने की रणनीति
अमेरिकी वित्त मंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले की नीतियां केवल ईरान से उत्पन्न जोखिमों को सीमित करने तक सीमित थीं। ट्रंप का नेतृत्व इस समस्या के स्थायी समाधान पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 'ऑपरेशन इकोनॉमिक OUTCAST' का मुख्य उद्देश्य तेहरान के सभी राजस्व स्रोतों को समाप्त करना है। अमेरिका का स्पष्ट संदेश है कि यदि कोई देश या निजी संस्था ईरान को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, तो उसे अमेरिकी बाजार या अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग प्रणाली में से किसी एक को चुनना होगा।