अमेरिका का वेनेजुएला पर हमला: ट्रंप ने मादुरो को हटाया
अमेरिका का सीधा हस्तक्षेप
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को यह घोषणा की कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर उसके लंबे समय से सत्ता में काबिज निरंकुश राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पद से हटा दिया है। यह अमेरिका का लैटिन अमेरिका में 1989 के पनामा आक्रमण के बाद का सबसे स्पष्ट हस्तक्षेप है। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पोस्ट में कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला और उसके नेता, राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ एक बड़ा हमला सफलतापूर्वक किया है। मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर देश से बाहर भेज दिया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के लोगों के साथ एकजुटता दर्शाता है और उनके राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता की रक्षा के लिए समर्थन व्यक्त करता है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिका के हमले के बाद रूस और चीन ने भी प्रतिक्रिया दी है। रूस ने अमेरिका की सशस्त्र आक्रामकता की निंदा की और संयम बरतने की अपील की। रूस के विदेश मंत्रालय ने काराकास में हुए विस्फोटों के बाद स्थिति को और बिगड़ने से रोकने की चेतावनी दी। वहीं, चीन ने आपात बैठक बुलाई। इस बीच, उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने अमेरिका को सीधी धमकी दी है, जिसमें उन्होंने कहा कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति को तुरंत रिहा किया जाए। किम ने चेतावनी दी कि ऐसा न करने पर गंभीर वैश्विक परिणाम होंगे।
मादुरो पर मुकदमा
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने बताया कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाया जाएगा। मादुरो पर मादक पदार्थों से संबंधित आतंकवाद की साजिश, कोकीन आयात की साजिश, और अमेरिका के खिलाफ हथियार रखने के आरोप हैं। उन्हें जल्द ही अमेरिकी अदालतों में न्याय का सामना करना पड़ेगा। बोंडी ने ट्रंप को धन्यवाद दिया और कहा कि यह अभियान बेहद सफल रहा है।
सीनेटर माइक ली का बयान
रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने बताया कि मादुरो पर अमेरिकी आपराधिक अदालतों में मुकदमा चलाया जाएगा। हालांकि, यह भी कहा गया है कि अमेरिका वेनेजुएला के खिलाफ कोई और कार्रवाई नहीं करेगा। ली ने यह भी बताया कि मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कोई और कार्रवाई की उम्मीद नहीं है। उन्होंने सैन्य कार्रवाई की संवैधानिकता पर सवाल उठाया।