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अमेरिका की अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा: कर्ज और खर्च में वृद्धि

हाल ही में अमेरिका की अर्थव्यवस्था में मंदी का खतरा बढ़ता जा रहा है। एक सर्वेक्षण के अनुसार, नागरिकों का विश्वास घट रहा है और रोजगार बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप के भारी खर्च के कारण अमेरिका का कर्ज तेजी से बढ़ रहा है। जुलाई में खर्च में वृद्धि और राजकोषीय घाटे में बढ़ोतरी के साथ, उपभोक्ता विश्वास में कमी आई है। क्या अमेरिका जल्द ही मंदी का सामना करेगा? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
 

अमेरिका में आर्थिक संकट की ओर बढ़ती स्थिति

अर्थव्यवस्था की स्थिति: हाल ही में अमेरिका में आयोजित एक कॉन्फ्रेंस बोर्ड सर्वेक्षण के अनुसार, देश की अर्थव्यवस्था तेजी से मंदी की ओर अग्रसर है। नागरिकों का विश्वास घट रहा है और रोजगार बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जिन्होंने चुनाव के दौरान खर्चों को नियंत्रित करने का वादा किया था, अब भारी खर्च कर रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका पर प्रतिदिन लगभग 21 अरब डॉलर का कर्ज बढ़ रहा है। केवल 48 दिनों में यह कर्ज 1 ट्रिलियन डॉलर (86 लाख करोड़ रुपये) से अधिक बढ़ चुका है, जिससे अमेरिका अब दुनिया का सबसे बड़ा कर्जदार देश बन गया है।


सालाना जीडीपी से अधिक खर्च

आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान प्रशासन अपनी वार्षिक जीडीपी का लगभग 44% खर्च कर रहा है, जो कि द्वितीय विश्व युद्ध और 2008 की आर्थिक मंदी से भी अधिक है। कोरोना महामारी के दौरान यह आंकड़ा 54% तक पहुंच गया था। पिछले दो वर्षों में अमेरिका का कर्ज 37.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, और ट्रंप के कार्यकाल में केवल 48 दिनों में 1 ट्रिलियन डॉलर और जुड़ गया है। अगस्त के पहले तीन हफ्तों में ही कर्ज में 200 अरब डॉलर से अधिक की वृद्धि हुई है।


राजकोषीय घाटे में वृद्धि

अमेरिका का कर्ज ही नहीं, बल्कि उसका राजकोषीय घाटा भी बढ़ रहा है। वर्तमान में यह घाटा 1.63 ट्रिलियन डॉलर (140 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंच चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 109 अरब डॉलर अधिक है। यह पहली बार 2 ट्रिलियन डॉलर के घाटे की ओर बढ़ सकता है, जिसमें पिछले वर्ष की तुलना में 7.4% की वृद्धि हुई है।


जुलाई में खर्च में वृद्धि

जुलाई में अमेरिकी सरकार का खर्च 9.7% बढ़कर 630 अरब डॉलर हो गया, जो जनवरी के बाद का सबसे अधिक है। इस दौरान राजस्व (कमाई) केवल 2.5% बढ़कर 338 अरब डॉलर रहा, जिसमें से 30 अरब डॉलर टैरिफ से प्राप्त हुए।


उपभोक्ता विश्वास में कमी

सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि अगस्त में उपभोक्ताओं का विश्वास और कमजोर हुआ है। रोजगार बाजार को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। कॉन्फ्रेंस बोर्ड का उपभोक्ता विश्वास सूचकांक अगस्त में 1.3 अंक गिरकर 97.4 पर आ गया, जो जुलाई में 98.7 था। आय, रोजगार और कारोबारी हालात पर आधारित आंकड़ा 1.2 अंक गिरकर 74.8 तक पहुंच गया है। ऐसे में अमेरिका में मंदी की संभावना बढ़ रही है।