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अमेरिका की ईरान पर हमले की तैयारी amid बढ़ते प्रदर्शन

ईरान में अयातुल्ला खामेनाई के शासन के खिलाफ बढ़ते प्रदर्शनों के बीच अमेरिका ने हमले की तैयारी की है। राष्ट्रपति ट्रंप ने संभावित सैन्य विकल्पों की समीक्षा की है। ईरान के क्राउन प्रिंस ने नागरिकों से सड़कों पर उतरने की अपील की है, जबकि ईरानी संसद के स्पीकर ने अमेरिका को चेतावनी दी है। इस स्थिति में ईरान के राष्ट्रपति ने भी अमेरिका और इजराइल पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
 

ईरान में प्रदर्शन और अमेरिका की प्रतिक्रिया

नई दिल्ली। ईरान में अयातुल्ला अली खामेनाई के शासन के खिलाफ बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और उन पर ईरानी सरकार की दमनकारी कार्रवाई के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमले की योजना बनाई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य हमलों के विकल्पों की समीक्षा की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने ट्रंप को ईरान पर हमले की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी है। यदि ईरान सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो ट्रंप सैन्य हस्तक्षेप पर गंभीरता से विचार कर सकते हैं, हालांकि उन्होंने अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है।


इससे पहले, ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा, 'ईरान आजादी की ओर बढ़ रहा है, जो पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।' ट्रंप के इस बयान से उत्साहित होकर ईरान के क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने ईरान के नागरिकों से फिर से सड़कों पर उतरने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति सहायता के लिए तैयार हैं। रजा पहलवी, जो पिछले 50 वर्षों से अमेरिका में रह रहे हैं, ने यह भी कहा कि ईरान के शासन को सुरक्षाकर्मी नहीं मिल रहे हैं और सुरक्षा बल अब सरकार की बात नहीं सुन रहे हैं। उन्होंने एक वीडियो संदेश भी जारी किया।


वहीं, ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या इजराइल ने ईरान पर हमला किया, तो उन्हें कड़ी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ईरान के सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर बड़ी कार्रवाई की थी। तेहरान के एक डॉक्टर के अनुसार, राजधानी में छह अस्पतालों में कम से कम 217 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। इसके अलावा, ढाई हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।


इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने रविवार को कहा कि अमेरिका और इजराइल ईरान में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने ईरानियों से दंगाइयों और आतंकवादियों से दूर रहने की अपील की। पजशकियान ने कहा कि ईरान के अधिकारी प्रदर्शनकारियों की बात सुनेंगे, लेकिन दंगाइयों की नहीं, जो समाज को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।


ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों की गूंज विदेशों तक पहुंच गई है। ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भी ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शन हुए। इस दौरान एक प्रदर्शनकारी ने ईरानी दूतावास का इस्लामी गणराज्य का झंडा हटा कर 1979 की इस्लामी क्रांति से पहले का झंडा फहराया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में प्रदर्शनकारी ने शेर और सूरज के निशान वाला तिरंगा झंडा लगाया, जो कुछ मिनटों तक दूतावास पर लहराता रहा, फिर उसे हटा दिया गया। इसके बाद वहां सुरक्षा बढ़ा दी गई।