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अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल मंजीत सिंह बेदी भारत में गिरफ्तार

अमेरिका की मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल मंजीत सिंह बेदी को हाल ही में भारत में गिरफ्तार किया गया है। उस पर अमेरिकी सरकारी योजनाओं में 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप है। FBI ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी है। बेदी ने अदालत के आदेशों का उल्लंघन करते हुए भारत भागने से पहले कनाडा की सीमा पार की थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और बेदी के खिलाफ लगे आरोपों के बारे में।
 

मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी की जानकारी


नई दिल्ली: अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की मोस्ट वॉन्टेड सूची में नामित जालसाज मंजीत सिंह बेदी को भारत में गिरफ्तार किया गया है। उस पर आरोप है कि उसने अमेरिकी सरकारी योजनाओं में लगभग 6 लाख डॉलर, जो कि करीब 5 करोड़ रुपये के बराबर है, की धोखाधड़ी की। बेदी की गिरफ्तारी में सहायता के लिए अमेरिका ने 1.5 लाख डॉलर का इनाम घोषित किया था।


FBI द्वारा गिरफ्तारी की पुष्टि

FBI ने गिरफ्तारी की दी जानकारी


FBI के निदेशक काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मंजीत सिंह बेदी की गिरफ्तारी की सूचना दी। उन्होंने बताया कि बेदी पिछले साल अमेरिका से निकलकर भारत पहुंच गया था। अब FBI उसे अमेरिका वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी है।


CAPTURED: Another FBI Most Wanted Fraudster.

This is the 5th Most Wanted Fraudster captured since the creation of the new list three months ago – and yet another high value target captured overseas. Subjects captured so far have been responsible for a combined over $2 billion… pic.twitter.com/eitoNdmX7L

— FBI Director Kash Patel (@FBIDirectorKash) September 5, 2026



पटेल के अनुसार, नई मोस्ट वॉन्टेड सूची में शामिल होने के बाद बेदी की गिरफ्तारी पांचवे बड़े आरोपी के रूप में हुई है। इस सूची में शामिल आरोपियों पर अरबों डॉलर की धोखाधड़ी के आरोप हैं।


सरकारी योजनाओं में धोखाधड़ी का मामला

सरकारी फूड बेनिफिट में की कथित हेराफेरी


FBI के अनुसार, मंजीत सिंह बेदी वॉशिंगटन राज्य के टैकोमा में एक किराना स्टोर चलाता था। उस पर आरोप है कि उसने सरकारी Supplemental Nutrition Assistance Program (SNAP) के लाभार्थियों के कार्ड का गलत इस्तेमाल किया।


बताया गया है कि बेदी ग्राहकों के कार्ड से मिलने वाले लाभ को खाद्य सामान देने के बजाय नकद में बदल देता था। इस प्रक्रिया में वह कथित तौर पर कुछ राशि अपने पास रखता था। जांच के अनुसार, मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार को लगभग 6 लाख डॉलर का नुकसान हुआ।


अदालत के आदेशों का उल्लंघन

कोर्ट के आदेश के बावजूद विदेश भागा


जब मामला सामने आया, तो अदालत ने उसे कुछ शर्तों के साथ बिना हिरासत के रहने की अनुमति दी थी। उसे पासपोर्ट जमा करने और वॉशिंगटन में रहने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, आरोप है कि उसने इन शर्तों का उल्लंघन किया और पहले कनाडा की सीमा पार की, फिर भारत पहुंच गया।


इसके बाद अमेरिकी जिला अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया। अब भारत में गिरफ्तारी के बाद अमेरिका उसे वापस लाने की कोशिश कर रहा है।