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अमेरिका के F35 फाइटर जेट का क्रैश: तकनीकी खामियों पर उठे सवाल

अमेरिका के F35 फाइटर जेट के हालिया क्रैश ने तकनीकी खामियों और ऑपरेशनल चुनौतियों को उजागर किया है। पायलट की जान बच गई, लेकिन इस घटना ने विमान की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इस विमान की महंगाई, तकनीकी जटिलताएँ और इससे जुड़ी अन्य घटनाओं के बारे में।
 

F35 फाइटर जेट का हादसा

अमेरिका को एक और बड़ा झटका लगा है। जिस F35 फाइटर जेट को उसने दुनिया का सबसे उन्नत विमान बताया था, अब उसके बारे में सवाल उठने लगे हैं। दरअसल, 31 मार्च को अमेरिकी वायुसेना का एक F35 फाइटर जेट नेवाडा में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। यह घटना लास वेगास के निकट एक नियंत्रित सैन्य क्षेत्र में हुई, जो परीक्षण और प्रशिक्षण के लिए उपयोग किया जाता है। पायलट ने विमान के जमीन पर गिरने से पहले खुद को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। उसे हल्की चोटें आई हैं और उसका इलाज चल रहा है। राहत की बात यह है कि यह दुर्घटना किसी आवासीय क्षेत्र में नहीं हुई, इसलिए आम जनता को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, अभी तक दुर्घटना के असली कारण का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक रिपोर्टों में तकनीकी खराबी, सिस्टम फेलियर या ऑपरेशनल कारणों को संभावित कारण माना जा रहा है। यह पहली बार नहीं है जब इस अत्याधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट पर सवाल उठे हैं। 


तकनीकी समस्याएं और ऑपरेशनल चुनौतियाँ

इससे पहले भी कई बार तकनीकी समस्याओं और ऑपरेशनल चुनौतियों की खबरें आई हैं। हाल ही में ईरान ने दावा किया था कि उसने अमेरिकी F-35 विमान को मार गिराया, लेकिन इस दावे की पुष्टि नहीं हो पाई। एक और मामला जून 2025 का है, जब ब्रिटेन की रॉयल नेवी का F35B लाइटनिंग फाइटर जेट तकनीकी खराबी के कारण भारत में फंस गया था। यह जेट केरल के त्रिवेंद्रम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आपातकालीन लैंडिंग के बाद लगभग 38 दिनों तक वहीं खड़ा रहा। इस घटना ने भी इसकी मेंटेनेंस और तकनीकी विश्वसनीयता पर सवाल उठाए थे। लॉकेड मार्टिन द्वारा निर्मित यह फाइटर जेट दुनिया के सबसे उन्नत पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों में से एक माना जाता है। अमेरिका ने इस विमान की मार्केटिंग भी बहुत प्रभावशाली तरीके से की है। अमेरिका का बार-बार यह दावा है कि F35 से बेहतर कोई विमान नहीं है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह दुश्मन के रडार से बच सके, हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के हमले कर सके और साथ ही खुफिया जानकारी भी जुटा सके। 


F35 की लागत और तकनीकी जटिलताएँ

यह विमान दुनिया के सबसे आधुनिक और महंगे विमानों में से एक है, जिसकी कीमत लगभग 1000 से 1200 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है। लेकिन इसकी महंगाई के साथ-साथ तकनीकी जटिलताएँ भी हैं। इसकी मेंटेनेंस और ऑपरेशनल लागत भी काफी अधिक है। कई रिपोर्टों में यह सामने आया है कि इसकी लागत बहुत ज्यादा है और तकनीकी खामियों के कारण कई बार मिशन प्रभावित होते हैं। हाल ही में 35 क्रैश के बाद एक बार फिर जांच शुरू हो गई है। अमेरिकी वायुसेना और सुरक्षा एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हादसा तकनीकी खराबी, मौसम या किसी मानवीय गलती के कारण हुआ। कुल मिलाकर, यह स्पष्ट है कि अमेरिका जिस विमान को दुनिया का सबसे उन्नत लड़ाकू विमान मानता है, वह बार-बार घटनाओं का शिकार हो रहा है। बार-बार F35 के बारे में विभिन्न खबरें आ रही हैं, जो यह दर्शाती हैं कि उच्च तकनीक वाले हथियारों के साथ जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है।