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अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में नई उम्मीद: 30 अरब डॉलर के समझौते पर सहमति

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में कमी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसमें लगभग 30 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ को लेकर सहमति बनी है। यह निर्णय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे के दौरान लिया गया। दोनों देशों ने व्यापार के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भी चर्चा करने का निर्णय लिया है। इस वार्ता में कई प्रमुख व्यवसायियों की भागीदारी भी रही। जानें इस समझौते के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
 

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव में कमी


नई दिल्ली: अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहे व्यापार विवाद में एक सकारात्मक मोड़ आया है। दोनों देशों ने लगभग 30 अरब डॉलर के सामान पर टैरिफ को लेकर एक समझौता किया है। इसके साथ ही, आर्थिक वार्ताओं को सुगम बनाने के लिए एक ट्रेड काउंसिल का गठन किया जाएगा। यह महत्वपूर्ण निर्णय चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अमेरिका दौरे और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई मुलाकात के बाद लिया गया है। यह पहली बार है जब शी जिनपिंग 2015 के बाद वाशिंगटन पहुंचे हैं।


समझौते की मुख्य बातें

व्हाइट हाउस के अनुसार, इस समझौते में अमेरिका से चीन को भेजे जाने वाले कृषि उत्पाद, लकड़ी और कॉस्मेटिक्स शामिल हैं। वहीं, चीन के खिलौने, छोटे उपकरण और सजावटी सामान पर अमेरिका बेहतर टैरिफ की पेशकश करेगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों देश कुआलालंपुर में हुई पिछली वार्ता को आगे बढ़ाते हुए व्यापार पर चर्चा जारी रखेंगे। यह समझौता मौजूदा ट्रेड डील को दो महीने के लिए बढ़ाने के बाद हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इससे दोनों देशों को एक व्यापक समझौते पर काम करने का पर्याप्त समय मिलेगा।


व्हाइट हाउस में महत्वपूर्ण बैठक

गुरुवार को ट्रंप और शी जिनपिंग ने व्हाइट हाउस में कई घंटों तक चर्चा की, जिसके बाद दोनों नेताओं ने सरकारी अधिकारियों और प्रमुख व्यवसायियों के साथ डिनर किया। इस विशेष डिनर में अल्फाबेट के सुंदर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग और ओपनएआई के सैम ऑल्टमैन जैसे प्रमुख नाम शामिल थे। दोनों नेताओं ने आपसी स्थिरता और सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। शी ने कहा कि दोनों देशों को एक-दूसरे के लाभ के लिए सहयोग बढ़ाना चाहिए और प्रतिस्पर्धा को सीमित रखना चाहिए।


AI पर चर्चा का आगाज

व्यापार के अलावा, दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भी बातचीत शुरू करने पर सहमति जताई है, जिसमें इसके अवसरों और संभावित खतरों पर चर्चा की जाएगी। नवंबर में इस विषय पर एक और बैठक होने की संभावना है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों नेता इस बैठक में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' के बजाय 'सुपर इंटेलिजेंस' शब्द का उपयोग करने पर सहमत हुए, जिसे चीन ने भी सराहा और आगे बातचीत जारी रखने की अपील की।


अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति

शी के दौरे में व्यापार और AI के अलावा कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने एशिया-पैसिफिक आर्थिक सहयोग और जी-20 जैसी अंतरराष्ट्रीय बैठकों के आयोजन में एक-दूसरे की सहायता करने पर सहमति जताई। ट्रंप और शी ने आगामी बैठकों में भाग लेने की योजना भी बनाई है। इसके अतिरिक्त, दोनों नेताओं ने यह तय किया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर किसी भी देश या संस्था द्वारा एकतरफा ट्रांजिट टोल नहीं लगाया जाना चाहिए।