अमेरिका ने 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेसिंग रोकी: क्या है इसके पीछे का कारण?
अमेरिका का नया वीजा प्रतिबंध
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने एक साथ 75 देशों के नागरिकों के लिए वीजा प्रोसेसिंग को रोकने का निर्णय लिया है। इसका अर्थ है कि इन देशों के नागरिक अब नए वीजा के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। यह निर्णय अचानक लागू किया गया, जिससे वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है। हजारों लोगों की वीजा फाइलें अब अटक गई हैं। यह कदम अमेरिका की कड़ी इमिग्रेशन नीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।
अमेरिकी सरकार का चिंतन
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि कुछ वीजा आवेदक भविष्य में 'पब्लिक चार्ज' बन सकते हैं, यानी वे सरकारी सहायता पर निर्भर हो सकते हैं। इससे टैक्स देने वालों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इस खतरे को रोकने के लिए अमेरिका ने जांच प्रक्रिया को फिर से परखने का निर्णय लिया है। सरकार चाहती है कि केवल आत्मनिर्भर लोग ही अमेरिका में प्रवेश करें।
फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट
फॉक्स न्यूज के अनुसार, काउंसलर अधिकारियों को नए निर्देश दिए गए हैं कि मौजूदा कानून के तहत ऐसे वीजा को रोकने का आदेश दिया गया है। जब तक नई जांच प्रक्रिया लागू नहीं होती, तब तक कोई भी वीजा मंजूर नहीं किया जाएगा। इसका मतलब है कि इंटरव्यू और फाइलें आगे नहीं बढ़ेंगी। यह कदम अस्थायी बताया गया है, लेकिन इसकी समय सीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
रोक की सूची में कौन से देश शामिल हैं?
इस वीजा रोक की सूची में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील देश शामिल हैं, जैसे रूस, ईरान, और अफगानिस्तान। इसके अलावा, सोमालिया, इराक, मिस्र, और यमन भी इस सूची में हैं। नाइजीरिया, थाईलैंड, और ब्राजील जैसे देश भी प्रभावित हुए हैं। कुल मिलाकर, 75 देशों को इस निर्णय का सामना करना पड़ रहा है।
छात्रों और कामकाजी लोगों पर प्रभाव
यह रोक सभी प्रकार के वीजा पर लागू है, जिसमें टूरिस्ट, स्टूडेंट, और वर्क वीजा शामिल हैं। इसका मतलब है कि पढ़ाई या नौकरी के लिए जाने वाले लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। जिन लोगों ने पहले से फीस चुका दी है, वे भी चिंता में हैं। कई छात्रों की यूनिवर्सिटी की डेडलाइन नजदीक है, और यह निर्णय उनकी योजनाओं को बाधित कर सकता है।
क्या यह ट्रंप प्रशासन की नीति का हिस्सा है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से सख्त इमिग्रेशन नीति के समर्थक रहे हैं। उनका मानना है कि अमेरिका में वही लोग आना चाहिए जो देश के लिए लाभकारी हों। यह वीजा रोक इसी सोच का परिचायक है। सरकार पहले से ही पब्लिक चार्ज नियम को सख्ती से लागू कर रही है, और अब इसे और मजबूत किया जा रहा है। इससे अमेरिका में प्रवेश का रास्ता और कठिन हो गया है।
इस फैसले का वैश्विक प्रभाव
इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय यात्रा और शिक्षा पर गहरा असर पड़ेगा। कई देशों के लोग अमेरिका जाने की योजना बना रहे थे, लेकिन अब उनकी फाइलें रुक गई हैं। यह व्यापार और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में प्रभाव डाल सकता है। कई परिवार भी एक-दूसरे से दूर रह सकते हैं। जब तक यह रोक समाप्त नहीं होती, तब तक अनिश्चितता बनी रहेगी। अमेरिका का यह निर्णय वैश्विक चर्चा का विषय बन गया है।