अमेरिका ने भारतीय दंपती और कंपनियों पर लगाए प्रतिबंध, ईरान के तेल कारोबार में मदद का आरोप
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के तहत अमेरिकी कार्रवाई
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों को लागू करने के लिए अपनी रणनीति को और मजबूत किया है। इस संदर्भ में, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने एक भारतीय दंपती, उनके कुछ सहयोगियों और नौ भारतीय कंपनियों को प्रतिबंधित सूची में डाल दिया है। अधिकारियों के अनुसार, यह समूह कथित तौर पर ऐसे समुद्री उपायों में संलग्न था, जो ईरान के तेल व्यापार पर लगाए गए अमेरिकी प्रतिबंधों को circumvent करने में मदद करते थे.
चंडीगढ़ से संचालित नेटवर्क पर अमेरिकी निगरानी
अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सुनील कुमार शर्मा और उनकी पत्नी जसप्रीत प्रीति को इस संदिग्ध व्यवस्था का मुख्य हिस्सा बताया है। विभाग का कहना है कि दोनों चंडीगढ़ से अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उनके नेटवर्क ने समुद्री परिवहन से संबंधित सेवाएं प्रदान कीं, जिनका उपयोग प्रतिबंधित तेल ले जाने वाले जहाजों की पहचान छिपाने के लिए किया जा सकता था.
फर्जी पंजीकरण और समुद्री दस्तावेजों का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि इस दंपती ने विभिन्न देशों के आधिकारिक प्रतिनिधियों के रूप में अपनी पहचान प्रस्तुत की। इसके माध्यम से जहाजों के पंजीकरण, राष्ट्रीय झंडे के उपयोग और अन्य समुद्री प्रमाणपत्रों से संबंधित सेवाओं का प्रचार किया गया। विभाग के अनुसार, उनकी कुछ वेबसाइटों पर जहाजों के पंजीकरण, नाविकों के प्रशिक्षण और तकनीकी वर्गीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने का दावा किया गया, जबकि कथित तौर पर उन्हें संबंधित देशों से ऐसी सेवाएं प्रदान करने की आधिकारिक अनुमति नहीं थी.
दो अन्य भारतीय नागरिक भी प्रतिबंधित सूची में शामिल
इस मामले में अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने अश्वनी कुमार धीमान और ईश्वरविंदर सिंह के नाम भी शामिल किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, दोनों का संबंध शर्मा के कथित कारोबारी नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों के निदेशक पदों से रहा है। इसके अलावा, भारत में पंजीकृत नौ कारोबारी संस्थानों पर भी कार्रवाई की गई है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन संस्थाओं ने समुद्री धोखाधड़ी से जुड़े ढांचे को संचालित करने या आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई। इस संदिग्ध नेटवर्क को ईरान के शैडो फ्लीट से जोड़ा जा रहा है.
तुर्की की विमानन सेवा प्रदाता कंपनी भी कार्रवाई की जद में
अमेरिकी सरकार की कार्रवाई केवल समुद्री कारोबार तक सीमित नहीं रही। तुर्की में कार्यरत फ्यूगो ग्राउंड सर्विसेज इंक को भी प्रतिबंधित किया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस कंपनी ने प्रतिबंधों का सामना कर रही ईरानी विमानन कंपनियों को हवाई अड्डों पर आवश्यक सेवाएं प्रदान कीं, जिनमें ईरान एयर टूर, साहा एयरलाइंस, ताबान एयरलाइंस और अता एयरलाइंस शामिल हैं.
बेसेंट की चेतावनी, प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ सकता है
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस कार्रवाई के साथ ईरान को सहायता पहुंचाने वालों को एक स्पष्ट संदेश दिया है। उनका कहना है कि अमेरिकी प्रशासन ऐसे लोगों की गतिविधियों पर नजर रखेगा और आवश्यकता पड़ने पर जमीन, समुद्र और हवाई मार्ग से जुड़े कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करेगा। ट्रंप प्रशासन की इस पहल को ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट का हिस्सा बताया गया है.