अमेरिका ने हिजबुल्ला के वित्तीय नेटवर्क पर लगाया प्रतिबंध
हिजबुल्ला के खिलाफ अमेरिका की नई कार्रवाई
अमेरिका ने हिजबुल्ला से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह संगठन पहले से ही अमेरिका द्वारा आतंकवादी समूह के रूप में वर्गीकृत किया जा चुका है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने एक बयान में कहा, "हमने हिजबुल्ला को आर्थिक सहायता प्रदान करने वाले इस वैश्विक वित्तीय नेटवर्क को समाप्त करने के लिए कदम उठाए हैं। इस कार्रवाई में उन व्यक्तियों और संस्थाओं को निशाना बनाया गया है जो पश्चिम एशिया, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में विभिन्न कंपनियों और परियोजनाओं के माध्यम से हिजबुल्ला की वित्तीय गतिविधियों में शामिल हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि इन वित्तीय मार्गों को बंद करके अमेरिका आतंकवाद के वित्तपोषण और हिजबुल्ला द्वारा प्रतिबंधों से बचने की क्षमता को कम करने के लिए ठोस कदम उठा रहा है।
वित्त मंत्रालय के एक अलग बयान में बताया गया कि उसके विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (ओएफएसी) ने 16 व्यक्तियों और संस्थाओं के एक नेटवर्क को प्रतिबंध सूची में शामिल किया है। इस नेटवर्क का नेतृत्व हिजबुल्ला से जुड़े वित्तपोषक अला हसन हमीह कर रहे थे।
बयान में यह भी कहा गया कि ये लोग और कंपनियां लेबनान, सीरिया, पोलैंड, स्लोवेनिया, कतर और कनाडा में स्थित हैं। अनुमान है कि उन्होंने 2020 से अब तक 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर से अधिक की हेरफेर में मदद की है।
इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, जिन व्यक्तियों या संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया गया है, उनकी अमेरिका में मौजूद संपत्तियों और परिसंपत्तियों का उपयोग रोक दिया गया है। यदि किसी अमेरिकी नागरिक के पास ऐसी संपत्ति है, तो उसे इसकी जानकारी ओएफएसी को देनी होगी।
इसके अलावा, वे संस्थाएं भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगी जिनमें प्रतिबंधित व्यक्तियों की सीधे या परोक्ष रूप से 50 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी है।