अमेरिका में नया COVID-19 सब-वैरिएंट 'सिकाडा': क्या है इसकी गंभीरता?
नई दिल्ली में चिंता का सबब
नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी से दुनिया धीरे-धीरे उबर रही थी, लेकिन अमेरिका में एक नया सब-वैरिएंट अब चिंता का विषय बन गया है। इसे BA.3.2 या 'सिकाडा वैरिएंट' कहा जा रहा है, जो तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसकी निगरानी को बढ़ा दिया है, क्योंकि यह वैक्सीन से मिली सुरक्षा को कुछ हद तक प्रभावित कर सकता है।
सिकाडा वैरिएंट का प्रसार
सीडीसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह वैरिएंट अमेरिका के 25 राज्यों में वेस्टवाटर सैंपल, ट्रैवलर टेस्टिंग और कुछ क्लिनिकल मामलों में पाया गया है। यह वैश्विक स्तर पर 23 से अधिक देशों में फैल चुका है, जिसमें डेनमार्क, जर्मनी और नीदरलैंड शामिल हैं, जहां इसकी हिस्सेदारी 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
सिकाडा वैरिएंट की पहचान
सिकाडा वैरिएंट क्या है?
यह ओमिक्रॉन परिवार का एक सब-वैरिएंट है, जिसे पहली बार नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में पहचाना गया था। सितंबर 2025 से इसके मामलों में वृद्धि देखी गई। इसमें स्पाइक प्रोटीन में 70 से 75 जेनेटिक म्यूटेशन हैं, जो इसे पुराने वैरिएंट्स से अलग बनाते हैं।
ये म्यूटेशन इसे वैक्सीन या पूर्व संक्रमण से मिली एंटीबॉडी को चकमा देने में मदद कर रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे निगरानी में रहने वाले वैरिएंट के रूप में वर्गीकृत किया है, लेकिन इसे चिंता का विषय नहीं माना गया है।
अमेरिका में स्थिति
अमेरिका में कितना फैला?
अमेरिका में इसकी उपस्थिति मुख्य रूप से वेस्टवाटर सैंपलिंग के माध्यम से पता चली है। फ्लोरिडा, कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क जैसे बड़े राज्यों में अस्पतालों में मरीजों की संख्या में हल्का इजाफा देखा जा रहा है। हालांकि, कुल कोविड मामलों में इसकी हिस्सेदारी अभी भी बहुत कम है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वैरिएंट लंबे समय से चुपचाप फैल रहा था और अब सामने आ रहा है।
सिकाडा वैरिएंट की गंभीरता
कितना खतरनाक है सिकाडा वैरिएंट?
विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैरिएंट इम्यूनिटी को चकमा देने में सक्षम है, जिससे वैक्सीन लगवाने वाले या पहले संक्रमित लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तक मृत्यु दर या गंभीर बीमारी में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया है।
जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के वायरोलॉजिस्ट डॉ. एंड्रयू पेकोज ने कहा, “अभी तक BA.3.2 ने तत्काल खतरा साबित नहीं किया है, लेकिन यह लगातार विकसित हो रहा है। भविष्य में इसका रूप बदलकर तेज फैलने और बीमार करने की क्षमता बढ़ सकती है।”
लक्षण और बचाव
सिकाडा वैरिएंट के लक्षण
सिकाडा वैरिएंट के लक्षण सामान्य कोविड या फ्लू जैसे हैं। मुख्य लक्षणों में शामिल हैं:
- तेज बुखार
- गले में खराश
- लगातार खांसी
- शरीर में दर्द और थकान
- सिरदर्द
- कुछ मामलों में स्वाद या गंध का चले जाना
- सांस लेने में तकलीफ (गंभीर मामलों में)
बचाव के लिए क्या करें?
विशेषज्ञों का सुझाव है कि घबराने के बजाय सतर्क रहना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनें, हाथों की सफाई का ध्यान रखें, समय पर कोविड वैक्सीन की बूस्टर डोज लगवाएं और बीमार महसूस होने पर टेस्ट करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें।
भारत में अभी इस वैरिएंट के कोई मामले सामने नहीं आए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय यात्रा को देखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य विभाग भी निगरानी बढ़ा रहा है।