अमेरिका में भारतीय नागरिक पर धोखाधड़ी का आरोप, एफबीआई ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
एफबीआई की वांछित सूची में मंजीत सिंह बेदी
(सागर कुलकर्णी) वाशिंगटन, चार सितंबर: अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) ने मंजीत सिंह बेदी, जो भारत में जन्मे हैं, को सरकारी लाभ योजना में कथित अनियमितताओं के चलते धोखाधड़ी के सबसे वांछित आरोपियों की सूची में शामिल किया है। एफबीआई के अनुसार, बेदी ने वाशिंगटन के टैकोमा में एक किराने की दुकान चलाई और पूरक पोषण सहायता कार्यक्रम (एसएनएपी) के तहत अपने सरकारी लाभ कार्ड का उपयोग कर ग्राहकों को खाद्य सामग्री देने के बजाय उन्हें नकद राशि प्रदान की। एजेंसी ने बताया कि बेदी ने एसएनएपी लाभार्थियों को खाद्य सामग्री देने के बजाय उनके ‘इलेक्ट्रॉनिक बेनिफिट ट्रांसफर’ (ईबीटी) कार्ड का उपयोग कर नकद राशि दी और प्राप्त राशि का आधा हिस्सा अपने पास रख लिया।
धोखाधड़ी के आरोप और गिरफ्तारी वारंट
एफबीआई का दावा है कि बेदी ने मार्च 2024 से जून 2025 के बीच अमेरिकी सरकार के साथ कम से कम छह लाख अमेरिकी डॉलर की धोखाधड़ी की। बेदी की टैकोमा में ‘एशियन ग्रॉसरी स्टोर’ नामक किराने की दुकान थी। एफबीआई ने यह भी कहा कि जो कोई भी बेदी की गिरफ्तारी और दोषसिद्धि में मदद करेगा, उसे डेढ़ लाख अमेरिकी डॉलर तक का इनाम दिया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से धोखाधड़ी और एसएनएपी लाभ से संबंधित आरोपों के बाद बेदी को अदालत में पेश होने की अनुमति दी गई थी।
कनाडा भागने की कोशिश
एफबीआई ने बताया कि बेदी को अपना पासपोर्ट जमा कराने और वाशिंगटन में रहने का आदेश दिया गया था, लेकिन वह तुरंत सड़क मार्ग से कनाडा चला गया और वहां से भारत भाग गया। अमेरिका की एक जिला अदालत ने निगरानी की शर्तों के उल्लंघन के आरोप में 21 मई को बेदी के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।