अमेरिका में वीजा नियमों में सख्ती: ट्रंप प्रशासन की नई नीति से प्रभावित होंगे भारतीय छात्र और पेशेवर
वीजा रद्द करने की बढ़ती संख्या
नई दिल्ली: अमेरिका में वीजा से संबंधित नियमों में ट्रंप प्रशासन की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में अब तक 1.75 लाख से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द किए जा चुके हैं। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों के खिलाफ की गई है जिन्होंने वीजा की शर्तों का उल्लंघन किया, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे या अमेरिकी सुरक्षा के लिए खतरा बने। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि केवल नियमों का पालन करने वालों को ही अमेरिका में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
वीजा रद्द होने का अर्थ है कि किसी विदेशी नागरिक को अमेरिका में रहने या प्रवेश की अनुमति समाप्त कर दी गई है। इसे नागरिकता समाप्त होने से अलग समझना आवश्यक है, क्योंकि नागरिकता केवल उन लोगों के मामले में समाप्त की जा सकती है जो पहले से अमेरिकी नागरिक बन चुके हैं।
वीजा रद्द होने के कारण
विदेश विभाग के अनुसार, बड़ी संख्या में वीजा आपराधिक गतिविधियों के कारण रद्द किए गए हैं। इनमें मारपीट, शराब पीकर गाड़ी चलाना, चोरी और ड्रग्स से जुड़े मामले शामिल हैं। इसके अलावा, यौन उत्पीड़न, बच्चों के शोषण, धोखाधड़ी, गबन और लापरवाही से वाहन चलाने जैसे गंभीर मामलों में भी कार्रवाई की गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति से जुड़े मामलों को भी इस अभियान में शामिल किया गया है। राष्ट्रपति के खिलाफ हिंसा की इच्छा जाहिर करने वाले व्यक्तियों, विदेशी कम्युनिस्ट संगठनों या सरकारों से जुड़े एजेंटों और संदिग्ध गतिविधियों वाले लोगों पर भी सख्ती की गई है।
'बर्थ टूरिज्म' पर कार्रवाई
ट्रंप प्रशासन ने उन व्यक्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई तेज की है जो अमेरिका में बच्चे के जन्म के माध्यम से उसे अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से वहां पहुंचते हैं। उत्तरी अफ्रीका में स्थित एक अमेरिकी दूतावास ने ऐसे 100 से अधिक वीजा रद्द किए हैं।
छात्रों और H-1B धारकों पर सख्ती
अंतरराष्ट्रीय छात्रों और H-1B वीजा धारकों के लिए नियम भी कड़े किए जा रहे हैं। मौजूदा 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' व्यवस्था की जगह निश्चित अवधि लागू करने की योजना बनाई जा रही है। पढ़ाई पूरी होने के बाद मिलने वाला ग्रेस पीरियड 60 दिन से घटाकर 30 दिन किया जा रहा है। नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की छूट खत्म करने पर भी विचार किया जा रहा है।
भारतीयों पर प्रभाव
अमेरिका में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र और H-1B पेशेवर हैं। ऐसे में सख्त नियमों का असर उनकी पढ़ाई, नौकरी और अमेरिका में रहने की योजनाओं पर पड़ सकता है। ट्रंप प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि अमेरिकी वीजा कोई अधिकार नहीं है, बल्कि यह एक विशेष अनुमति है।