अमेरिकी इमिग्रेशन नीतियों का वैश्विक प्रभाव: ट्रंप के प्रतिबंधों का जवाब
अमेरिका की छवि पर असर
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी इमिग्रेशन नीतियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका की छवि को नुकसान पहुँचाना शुरू कर दिया है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने कई देशों के नागरिकों के अमेरिका में प्रवेश पर सख्त प्रतिबंध लगाए हैं।
इन प्रतिबंधों के जवाब में कुछ देशों ने भी अमेरिकी नागरिकों के अपने यहाँ आने पर रोक लगा दी है। इससे अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किरकिरी हो रही है और कूटनीतिक संबंधों में तनाव बढ़ रहा है।
ट्रंप का नया यात्रा प्रतिबंध
दिसंबर 2025 में ट्रंप प्रशासन ने यात्रा प्रतिबंधों की सूची को बढ़ाकर 39 देशों तक पहुँचा दिया। इनमें से कई देशों के नागरिकों के लिए अमेरिका में प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जबकि कुछ पर आंशिक पाबंदियाँ लगाई गई हैं।
नए प्रतिबंधों में बुर्किना फासो, माली, नाइजर, दक्षिण सूडान और सीरिया जैसे देश शामिल हैं। प्रशासन का कहना है कि ये कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और वीजा नियमों की कमजोरियों के कारण उठाए गए हैं। इन 39 देशों में अधिकांश अफ्रीकी देश हैं, जिससे अफ्रीका महाद्वीप में अमेरिका के प्रति नाराजगी बढ़ गई है।
बुर्किना फासो और माली का जवाबी कदम
ट्रंप के इस निर्णय से नाराज होकर पश्चिम अफ्रीकी देशों बुर्किना फासो और माली ने अमेरिकी नागरिकों के अपने देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है। दोनों देशों ने स्पष्ट किया है कि वे अमेरिका द्वारा अपने नागरिकों पर लगाए गए नियमों का पलटवार कर रहे हैं।
बुर्किना फासो की प्रतिक्रिया
बुर्किना फासो के विदेश मंत्री करामोको जीन मैरी त्राओरे ने कहा कि उनका देश अमेरिकी नागरिकों पर वही वीजा नियम लागू करेगा, जो अमेरिका ने बुर्किना फासो के नागरिकों पर थोपे हैं। इसी तरह, माली के विदेश मंत्रालय ने भी घोषणा की कि अमेरिकी नागरिकों को वही शर्तें माननी होंगी, जो अमेरिका ने माली के नागरिकों के लिए रखी हैं।
माली ने यह भी कहा कि अमेरिका ने बिना किसी बातचीत के इतना बड़ा निर्णय लिया, जिस पर उन्हें खेद है। ये प्रतिबंध 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होने वाले अमेरिकी नियमों के ठीक बाद आए हैं, जो स्पष्ट रूप से जवाबी कार्रवाई का संकेत देते हैं।
फीफा वर्ल्ड कप पर प्रभाव
ट्रंप के प्रतिबंधों का असर 2026 फीफा वर्ल्ड कप पर भी पड़ रहा है, जो अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में आयोजित होने वाला है। प्रतिबंधित देशों में से कुछ जैसे सेनेगल और आइवरी कोस्ट वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं।
अमेरिका ने कहा है कि खिलाड़ियों और कोचों को प्रवेश मिलेगा, लेकिन फैंस के लिए कोई छूट नहीं दी गई है। इससे उन देशों के समर्थक अमेरिका में मैच देखने नहीं आ पाएंगे, जो टूर्नामेंट की मेज़बानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।