अमेरिकी पनडुब्बी का ईरानी युद्धपोत पर हमला: 80 लोगों की मौत
श्रीलंका के तट पर बड़ा हादसा
नई दिल्ली : श्रीलंका के समुद्री क्षेत्र में एक गंभीर घटना घटी है, जिसने वैश्विक समुदाय को चौंका दिया है। अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरानी नौसेना के मौज-क्लास फ्रिगेट आईआरआईएस डेना को टक्कर मारकर डुबो दिया, जिसमें कम से कम 80 लोगों की जान चली गई। जहाज पर कुल 180 नाविक मौजूद थे। इस घटना की जानकारी श्रीलंका के उप विदेश मंत्री ने स्थानीय समाचार चैनल पर दी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने भी इस हमले की पुष्टि की। यह जहाज भारत में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू से लौट रहा था। श्रीलंका ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
ईरानी युद्धपोत पर अमेरिकी हमले की पुष्टि
अमेरिकी रक्षा मंत्री पेट हेगसेथ ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के दक्षिणी तट के निकट ईरानी युद्धपोत पर हमला किया और उसे डुबो दिया। यह घटना अंतरराष्ट्रीय जल में हुई। पहले श्रीलंका के अधिकारियों ने हमले की संभावना जताई थी, लेकिन कारण स्पष्ट नहीं था। हेगसेथ के बयान ने इस घटना की पुष्टि कर दी है कि यह अमेरिकी पनडुब्बी के हमले का परिणाम था।
जहाज पर सवार लोगों की संख्या
श्रीलंका के विदेश मंत्री विजिथा हेराथ ने संसद में बताया कि आईआरआईएस डेना पर लगभग 180 लोग सवार थे। यह मौज-क्लास फ्रिगेट था। जहाज ने बुधवार को डूबने से पहले एक आपातकालीन कॉल जारी की थी। यह घटना श्रीलंका से 40 नॉटिकल मील की दूरी पर हुई। श्रीलंका के अधिकारियों ने तुरंत नौसेना और वायुसेना को सक्रिय किया। अब तक केवल 32 लोगों को बचाया जा सका है।
भारत से लौट रहा था ईरानी जहाज
आईआरआईएस डेना हाल ही में भारत के विशाखापत्तनम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय फ्लीट रिव्यू 2026 में शामिल हुआ था। यह जहाज 18 से 25 फरवरी तक बंगाल की खाड़ी में नौसैनिक अभ्यास में भी भाग लिया था। भारतीय नौसेना ने सोशल मीडिया पर ईरानी जहाज का स्वागत किया था, जो दोनों देशों के बीच के सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है। अभ्यास के बाद, यह जहाज वापसी की यात्रा पर था।
बचाव कार्य जारी
श्रीलंका की नौसेना के प्रवक्ता कमांडर बुद्धिका संपथ ने कहा कि बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। अब तक 32 लोगों को बचाया गया है और कुछ शव भी बरामद हुए हैं। घायलों का इलाज गाले के अस्पताल में किया जा रहा है। नौसेना ने तेल का धब्बा देखा है, लेकिन जहाज का कोई पता नहीं चला। क्षेत्र में कोई अन्य जहाज या विमान नहीं दिखाई दिया। श्रीलंका ने हर संभव सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।