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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने जारी की एलियंस से जुड़ी नई फाइलें और वीडियो

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने हाल ही में एलियंस से जुड़े नए वीडियो और दस्तावेज जारी किए हैं, जो अंतरिक्ष यात्रियों और यूएफओ की मौजूदगी के बारे में नई जानकारी प्रदान करते हैं। इन दस्तावेजों में 64 फाइलें शामिल हैं, जिनमें वीडियो, ऑडियो क्लिप और पीडीएफ दस्तावेज शामिल हैं। यह जानकारी एलियंस के अस्तित्व पर बहस को फिर से जीवित कर रही है। क्या ये वीडियो वास्तव में एलियंस की मौजूदगी को साबित करते हैं? जानें इस रहस्यमय विषय पर और अधिक।
 

एलियंस की मौजूदगी पर नई जानकारी

अमेरिकी फाइटर जेट्स द्वारा ईरानी नावों पर की गई जासूसी और एलियंस के स्पेसक्राफ्ट के साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों की बातचीत के बारे में नई जानकारी सामने आई है। अब तक एलियंस के अस्तित्व का जिक्र केवल फिल्मों और कहानियों में होता था, लेकिन अब धरती के बाहर रहने वाले प्राणियों के रहस्यों से पर्दा उठने लगा है। हाल ही में अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने यूएफओ से संबंधित संवेदनशील फाइलों का एक नया सेट जारी किया है, जिसमें यह बताया गया है कि कब और क्यों एलियंस धरती पर आए। दावा किया जा रहा है कि आसमान में देखी गई वस्तु वास्तव में एलियंस का स्पेसक्राफ्ट है, जिसे अमेरिकी वायु सेना ने अपने F16 फाइटर जेट से नष्ट किया। यह वीडियो फरवरी 2023 का है, जिसमें एक अज्ञात वस्तु को मार गिराते हुए दिखाया गया है। यह घटना उस समय हुई थी जब अमेरिका में चीनी जासूसी गुब्बारे को लेकर हड़कंप मचा था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वह वस्तु वास्तव में क्या थी।


यूएओ से जुड़े दस्तावेजों का खुलासा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के बाद, फेडरल एजेंसियों ने यूएओ से संबंधित गुप्त दस्तावेजों को सार्वजनिक किया है। इस नए सेट में कुल 64 फाइलें शामिल हैं, जिनमें छह पीडीएफ दस्तावेज, सात ऑडियो क्लिप और 51 वीडियो शामिल हैं। इन वीडियो ने एक बार फिर से एलियंस के विषय पर बहस को जन्म दिया है। अमेरिकी सरकार ने 1949 में एलियंस की जांच के लिए पहला आधिकारिक प्रोजेक्ट शुरू किया था, जिसे प्रोजेक्ट ग्रज कहा गया। हालांकि, कई स्रोतों का मानना है कि अमेरिका ने यह प्रोग्राम 1935 से ही शुरू कर दिया था। अब अमेरिका ने अपनी रिसर्च फाइलों को दुनिया के सामने लाने का निर्णय लिया है।


रहस्यमय वीडियो और अपोलो 12 मिशन

अमेरिका द्वारा जारी किए गए 51 वीडियो में से एक वीडियो में एक चमकती हुई वस्तु समुद्र के ऊपर तेज गति से उड़ती हुई दिखाई दे रही है। यह घटना परशियन गल्फ में हुई थी। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह साबित नहीं हुआ है कि यह एलियन टेक्नोलॉजी है। ट्रंप प्रशासन ने जिन दस्तावेजों और वीडियो को जारी किया है, उनमें सबसे अधिक चर्चा एक 6 सेकंड के वीडियो की हो रही है। इसके अलावा, अपोलो 12 मिशन के ट्रांसक्रिप्ट में अंतरिक्ष यात्रियों ने उड़ान के दौरान चमकती चीजों को देखने का जिक्र किया है। हालांकि, नासा ने निष्कर्ष निकाला कि यह घटना बाहरी वस्तुओं के कारण नहीं थी, बल्कि कॉस्मिक किरणों के प्रभाव से हो सकती है।


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