अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर टैरिफ में की कटौती
टैरिफ में कमी का ऐलान
वॉशिंगटन: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृषि और औद्योगिक उपकरणों पर आयात शुल्क में महत्वपूर्ण कटौती की घोषणा की है। ट्रंप प्रशासन ने कुछ कृषि उत्पादों और औद्योगिक मशीनरी पर लागू 25 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। यह राहत दिसंबर 2027 तक प्रभावी रहेगी।
फैसले का उद्देश्य
व्हाइट हाउस के अनुसार, इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य निवेश को प्रोत्साहित करना और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को समर्थन प्रदान करना है। सरकार का मानना है कि कम टैरिफ से सस्ते आयात को बढ़ावा मिलेगा और अमेरिकी इस्पात और एल्युमीनियम के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
टैरिफ कटौती का कारण
राष्ट्रपति ट्रंप की नई घोषणा के अनुसार, यह टैरिफ कटौती कृषि और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े व्यवसायों की लागत को कम करने के लिए की गई है। इससे घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और कृषि उत्पादन को मजबूती मिलने की उम्मीद है। नई दरें कंबाइन, हार्वेस्टर, बुलडोजर, फोर्कलिफ्ट और अन्य कृषि एवं औद्योगिक मशीनरी पर लागू होंगी। व्हाइट हाउस का कहना है कि कम टैरिफ से किसानों और कृषि उत्पादकों को अपेक्षाकृत कम लागत पर आधुनिक उपकरण खरीदने में मदद मिलेगी। ट्रंप प्रशासन ने कम टैरिफ के दायरे में आने वाले औद्योगिक उपकरणों की सूची का भी विस्तार किया है।
भारत को संभावित लाभ
रिपोर्टों के अनुसार, यह टैरिफ राहत मुख्य रूप से उन देशों पर लागू होगी जिनके साथ अमेरिका के व्यापार समझौते हैं। ऐसे देशों से आयात होने वाले कृषि उपकरणों और औद्योगिक मशीनरी पर अब 15 प्रतिशत टैरिफ लगेगा, जो पहले 25 प्रतिशत था। हालांकि, भारत को इस राहत का सीधा लाभ मिलने की संभावना फिलहाल कम है, क्योंकि दोनों देशों के बीच व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अभी अंतिम चरण तक नहीं पहुंची है।
नई प्रोत्साहन योजना
ट्रंप प्रशासन ने घरेलू स्तर पर उत्पादित स्टील और एल्युमीनियम की मांग बढ़ाने के लिए एक नई प्रोत्साहन योजना की भी घोषणा की है। इसके तहत विदेशी निर्माता 10 प्रतिशत की और भी कम टैरिफ दर का लाभ उठा सकेंगे, बशर्ते उनके आयातित पूंजीगत उपकरणों में वजन के आधार पर कम से कम 85 प्रतिशत अमेरिकी स्टील या एल्युमीनियम का उपयोग किया गया हो। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और अमेरिकी विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत होगी।