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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा: ऊर्जा साझेदारी को बढ़ाने की तैयारी

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत यात्रा से पहले ऊर्जा साझेदारी को मजबूत करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ऊर्जा देने के लिए तैयार है, जितनी वह खरीदना चाहता है। इस यात्रा के दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात भी होगी, जो रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है। रुबियो ने वेनेजुएला के तेल पर भी चर्चा की, जो भारत की ऊर्जा जरूरतों में महत्वपूर्ण हो सकता है। जानें इस यात्रा के महत्व और संभावित परिणामों के बारे में।
 

अमेरिका-भारत ऊर्जा सहयोग को नई दिशा


नई दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की यात्रा से पहले संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन नई दिल्ली के साथ ऊर्जा सहयोग को और मजबूत करने के लिए तैयार है। मियामी में मीडिया से बातचीत करते हुए, रुबियो ने कहा कि अमेरिका भारत को उतनी ऊर्जा प्रदान करने के लिए तैयार है, जितनी भारत खरीदने की इच्छा रखता है। उन्होंने भारत को अमेरिका का एक महत्वपूर्ण सहयोगी बताया और कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात

रुबियो ने बताया कि उनकी यात्रा के दौरान उन्हें क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों से मिलने का अवसर मिलेगा, जिससे रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को नई दिशा मिल सकती है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद उत्पन्न वैश्विक ऊर्जा संकट के संदर्भ में यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता

रुबियो ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच पहले से ही कई क्षेत्रों में सहयोग हो रहा है, और ऊर्जा क्षेत्र में इसे और बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, "हम उनके साथ बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। इसलिए यह यात्रा महत्वपूर्ण है।" उन्होंने यह भी कहा कि क्वाड के साथ बैठक करना भी महत्वपूर्ण है।


वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका की नजर

रुबियो ने यह भी कहा कि अमेरिका चाहता है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों में अमेरिकी हिस्सेदारी बढ़ाए। उन्होंने बताया कि इस दिशा में बातचीत चल रही है और वेनेजुएला के तेल में भी अवसर मौजूद हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज अगले सप्ताह भारत आने वाली हैं।


क्वाड बैठक की तारीख

क्वाड देशों की महत्वपूर्ण बैठक 26 मई को प्रस्तावित है, जिसमें रुबियो के अलावा ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी भी शामिल होंगे। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे।


कोलकाता का दौरा

रुबियो लगभग 14 साल बाद कोलकाता का दौरा करने वाले पहले अमेरिकी विदेश मंत्री होंगे। इससे पहले, 2012 में तत्कालीन विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कोलकाता का दौरा किया था। यह ध्यान देने योग्य है कि कोलकाता स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास दुनिया का दूसरा सबसे पुराना कांसुलेट है।


भारत-वेनेजुएला तेल समझौते का उल्लेख

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में भारत द्वारा वेनेजुएला से तेल खरीदने का उल्लेख किया था। उस समय वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते की घोषणा हुई थी, जिसमें भारतीय आयात पर टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करने की बात कही गई थी।