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अमेरिकी सीनेट का बड़ा कदम: रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर लग सकते हैं भारी शुल्क

अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी व्यापार शुल्क लगाने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दी है। इस विधेयक का उद्देश्य रूस की आर्थिक मदद को रोकना है, जो यूक्रेन में चल रहे युद्ध को समर्थन देता है। विधेयक में ईरान पर भी कड़े कदम उठाने का प्रस्ताव है। जानें इस विधेयक के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
 

नई दिल्ली में अमेरिकी सीनेट का निर्णय


नई दिल्ली: अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर दबाव बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण विधेयक को मंजूरी दी है। इस विधेयक के तहत, भारत और चीन जैसे प्रमुख ऊर्जा खरीदारों पर सख्त व्यापार शुल्क लगाए जा सकते हैं। अमेरिका का तर्क है कि रूस से ऊर्जा खरीदने से यूक्रेन में चल रहे युद्ध को आर्थिक सहायता मिलती है। इस विधेयक को 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' नाम दिया गया है और इसे 86-11 के वोट से पारित किया गया है।


इस विधेयक के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों से आने वाले सामान पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल सकता है। सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद, यह प्रस्ताव अब प्रतिनिधि सभा में जाएगा। अमेरिकी संसद का निचला सदन 31 अगस्त को फिर से बैठक करेगा, जिसके बाद इस पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में, रूस से ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख देशों में चीन, भारत, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया शामिल हैं। प्रस्ताव में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अन्य कई रूसी नेताओं, अधिकारियों, बड़े कारोबारी समूहों और वित्तीय संस्थानों पर प्रतिबंध लगाने का भी प्रावधान है।


ईरान पर भी कड़े कदम

इस विधेयक में केवल रूस के खिलाफ ही कदम नहीं उठाए गए हैं। इसमें 1996 के ईरान प्रतिबंध कानून को 2031 तक बढ़ाने का भी प्रस्ताव है, जिसके तहत ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में निवेश करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है।


ग्राहम की विरासत से जुड़ा विधेयक

यह द्विदलीय विधेयक रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम और डेमोक्रेट रिचर्ड ब्लूमेंथल के समर्थन से आगे बढ़ा है। ग्राहम के निधन के बाद, दोनों दलों के नेताओं ने इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने की कोशिश तेज कर दी। ग्राहम की बहन डार्लिन ग्राहम ने कहा कि यह विधेयक उन देशों के सामने स्पष्ट विकल्प रखता है जो रूस की अर्थव्यवस्था को समर्थन देते हैं - अमेरिका के साथ व्यापार या सस्ती रूसी ऊर्जा। वोटिंग के बाद, ब्लूमेंथल ने कहा कि ग्राहम को इस निर्णय पर गर्व होता। उनके अनुसार, इस प्रस्ताव का उद्देश्य रूस पर कड़ा आर्थिक दबाव बनाना और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद करने वालों को रोकना है।


हालांकि, कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने इस विधेयक को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि इससे राष्ट्रपति ट्रंप को टैरिफ लगाने की बहुत व्यापक शक्तियां मिल सकती हैं, जिनका उपयोग वह अपनी व्यापार नीति के तहत कर सकते हैं। डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स और डॉन बेयर ने कहा कि वे रूस को उसके युद्ध के लिए जवाबदेह ठहराने के प्रयासों का समर्थन करते हैं, लेकिन उन्हें आशंका है कि नई शक्तियों का उपयोग व्यापक व्यापार युद्ध के लिए किया जा सकता है। अब यह विधेयक प्रतिनिधि सभा में मंजूरी का इंतजार कर रहा है।