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अल्ताफ हुसैन का पाकिस्तान सरकार पर हमला: कश्मीर में बल प्रयोग बंद करने की मांग

अल्ताफ हुसैन, जो पहले कराची में एक प्रमुख राजनीतिक नेता थे, ने अब लंदन से पाकिस्तान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर में बल प्रयोग को तुरंत रोकने की मांग की है। हुसैन ने चेतावनी दी है कि यदि सैन्य कार्रवाई जारी रही, तो यह पाकिस्तान की स्थिरता को गंभीर खतरे में डाल सकती है। उन्होंने कश्मीरियों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया और बलूचिस्तान में भी समान नीतियों का आरोप लगाया।
 

अल्ताफ हुसैन का नया मोर्चा

1980 के दशक में कराची की सड़कों से लेकर राजनीतिक मंचों तक मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (MQM) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन का दबदबा था। तीन दशकों तक उन्होंने कराची पर अपनी पकड़ बनाए रखी। अब, लंदन में रहकर, अल्ताफ हुसैन ने पाकिस्तान सरकार के खिलाफ एक नया मोर्चा खोला है। उन्होंने एक वीडियो संदेश में पाक अधिकृत जम्मू और कश्मीर में तत्काल जुल्म समाप्त करने की अपील की।


पाकिस्तान में आग भड़कने की चेतावनी

अल्ताफ हुसैन ने चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में सैन्य कार्रवाई की गई, तो यह पूरे पाकिस्तान में आग भड़काने का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि इससे पाकिस्तान की स्थिरता और अस्तित्व को गंभीर खतरा हो सकता है। अल्ताफ ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से पीओके की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।


बल प्रयोग पर रोक लगाने की अपील

बल का इस्तेमाल तुरंत बंद करें: अल्ताफ हुसैन


अल्ताफ ने कहा कि पीओके के विभिन्न क्षेत्रों और रावलाकोट में पाकिस्तान सेना से संबंधित घटनाओं की जानकारी मिली है। उन्होंने बल प्रयोग को तुरंत रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। यदि पाकिस्तान कश्मीर में सैन्य कार्रवाई जारी रखता है, तो यह उसके अस्तित्व के लिए खतरा बन सकता है।


कश्मीरियों का अधिकार

'कश्मीरियों का है कश्मीर'


हुसैन ने स्पष्ट किया, 'कश्मीर कश्मीरियों का है। कश्मीरियों ने सर्वसम्मति से यह तय किया है कि कश्मीर उनका है। पिछले 80 वर्षों से कश्मीरियों को अन्याय का सामना करना पड़ा है।' उन्होंने पाकिस्तान सेना पर आम नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग और मौलिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया।


कश्मीर का कानूनी स्थिति

कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं: अल्ताफ


अल्ताफ हुसैन ने कहा, 'यह एक सर्वमान्य तथ्य है कि संवैधानिक और कानूनी रूप से आजाद कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। जो लोग ऐसा दावा करते हैं, वे गलत हैं। खुद पाकिस्तान सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में कहा है कि आजाद कश्मीर पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। यदि यह पाकिस्तान का हिस्सा होता, तो पाकिस्तान में चार नहीं, बल्कि पांच सूबे होते।'


बलूचिस्तान में समान नीतियों का आरोप

अल्ताफ ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार बलूचिस्तान में भी ऐसी ही नीतियों का पालन कर रही है, जिससे वहां पाकिस्तान का शासन कमजोर हुआ है। उन्होंने अपने देश के लोगों पर हो रहे अत्याचार को रोकने की अपील की और कहा कि पाकिस्तान पहले ही अन्याय और अत्याचार से विभाजित हो चुका है।