इंग्लैंड में डेटिंग एप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर दुष्कर्म के लिए उकसाने का मामला
एक अनोखी घटना का खुलासा
इंग्लैंड में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पूर्व प्रेमिका के नाम से डेटिंग एप टिंडर पर कई नकली प्रोफाइल बनाई। इस व्यक्ति ने कई पुरुषों को दुष्कर्म के लिए उकसाने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार, इस हरकत के कारण लगभग 18 युवक पीड़िता के घर में घुस चुके हैं।
आरोपी की पहचान और प्रेम कहानी
पुलिस ने आरोपी की पहचान असद हुसैन के रूप में की है। उसकी मुलाकात पीड़िता से 2024 में हुई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्रेम संबंध बने। लेकिन, समय के साथ आरोपी ने महिला पर अधिक नियंत्रण रखना शुरू कर दिया, जिसके कारण मई 2024 में उनका ब्रेकअप हो गया। एक महीने बाद, असद ने अपनी पूर्व प्रेमिका के नाम से टिंडर पर फर्जी प्रोफाइल बना ली।
बेवफाई के आरोप और मुकदमा
आरोपी हुसैन के खिलाफ चेस्टर क्राउन कोर्ट में नौ दिनों तक सुनवाई चली, जिसके बाद उसे दोषी ठहराया गया। जानकारी के अनुसार, उसने 'मिक रेनी' के नाम से महिला को अपने जाल में फंसाया। जब उसने अधिक नियंत्रण करना शुरू किया, तब दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके बाद, हुसैन ने अपनी पूर्व प्रेमिका पर बेवफाई का आरोप लगाया और उसे मनाने की कई कोशिशें की।
अचानक आने वाले पुरुषों का हड़कंप
जुलाई 2024 में, महिला के घर पर अचानक कई युवक आने लगे। जब उनसे पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि उनका टिंडर पर मैच हुआ है और उन्हें घर बुलाया गया है। एक रात में चार लड़कों के आने से हड़कंप मच गया। सभी ने कहा कि उन्हें दुष्कर्म की इच्छा पूरी करने के लिए बुलाया गया था। पुलिस की जांच में यह सामने आया कि असद हुसैन ने कई अन्य पुरुषों को पूर्व प्रेमिका का यौन शोषण करने के लिए उकसाया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
महिला ने लगातार पुरुषों के आने से परेशान होकर पुलिस को शिकायत दी। हालांकि, जांच में 'मिक रेनी' नाम का कोई व्यक्ति नहीं मिला। सीसीटीवी फुटेज में एक कार दिखाई दी, जो असद हुसैन के नाम पर पंजीकृत थी। आगे की जांच में पता चला कि असद ही मिक रेनी है।
असद की बचने की कोशिशें
आरोपी ने पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन नष्ट कर दिया और पहचान बदलने की कोशिश की। उसने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को फैक्ट्री रीसेट भी किया। लेकिन, 6 अक्टूबर 2024 को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। असद ने महिला के घर से लगभग दो मील की दूरी पर जाकर घंटों तक टिंडर प्रोफाइल चलाया। उसने बार-बार यह दावा किया कि उसने कोई अपराध नहीं किया, लेकिन पुलिस ने सबूतों के आधार पर उसे दोषी ठहराने में सफलता प्राप्त की।